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Punjab Assembly : सदन में सुखपाल खैरा की टिप्पणी पर घमासान, सदन ने पास किया निंदा प्रस्ताव

महिलाओं और दलितों के अपमान का आरोप

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चंडीगढ़ में मंगलवार को पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा। (फोटो: रवि कुमार/ट्रिब्यून)
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Punjab Assembly : पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। मुख्यमंत्री माणावत धियां योजना की लाभार्थी महिलाओं और दलितों के खिलाफ कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सदन में जोरदार हंगामा किया। भारी शोर-शराबे के बीच सदन ने खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया।

शून्य काल की शुरुआत होते ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को 'दलित विरोधी' और 'महिला विरोधी' मानसिकता वाली पार्टी करार दिया। चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अक्सर असम्मानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। इस दौरान विधायक इंद्रजीत कौर मान सहित सत्ता पक्ष की महिला विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल) आ गईं और खैरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगीं। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।

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विपक्ष की माफी और सत्ता पक्ष का कड़ा रुख

कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सदन के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सुखपाल खैरा की टिप्पणी पर खेद जताते हुए माफी मांगी। उन्होंने दलील दी कि खैरा अगले दिन सदन में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देंगे। हालांकि, सत्ता पक्ष इस पर शांत नहीं हुआ। 'आप' विधायक सर्वजीत कौर मानुके ने खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिसे वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने समर्थन दिया। कांग्रेस विधायकों—तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और राणा गुरजीत सिंह ने मांग की कि प्रस्ताव पारित करने से पहले खैरा को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन उनकी मांग अनसुनी कर दी गई।

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अकाली दल और बसपा ने भी दिया साथ

हैरानी की बात यह रही कि शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और बसपा विधायक नछत्तर पाल ने भी इस निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया। सदन ने ध्वनि मत से इस प्रस्ताव को पास कर दिया। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि खैरा की टिप्पणी उनकी सामंती मानसिकता को दर्शाती है और उन्होंने माफी मांगने के बजाय सोशल मीडिया पर अपने बयानों का बचाव किया है। दूसरी ओर, अकाली विधायक गनीव कौर मजीठिया ने इसे 'आप' का दोहरा मापदंड बताया और याद दिलाया कि उनके अपने नेताओं ने भी अतीत में महिलाओं के प्रति असम्मान दिखाया है।

खैरा का पलटवार: मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

सदन के बाहर सुखपाल खैरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। खैरा ने चुनौती देते हुए कहा कि 'आप' नेता पहले मुख्यमंत्री से उन शब्दों के लिए माफी मंगवाएं, जो उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों के संदर्भ में महिलाओं के लिए इस्तेमाल किए थे।

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