हरियाणा विधानसभा में BPL कार्डों पर सियासी घमासान, मुफ्त राशन को लेकर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
Haryana Winter Session: हरियाणा में बीपीएल कार्ड और मुफ्त राशन का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में सियासी तूफान बनकर छा गया। लोकसभा में मामला उठने के बाद जैसे ही प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने इसे सदन में रखा,...
Haryana Winter Session: हरियाणा में बीपीएल कार्ड और मुफ्त राशन का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में सियासी तूफान बनकर छा गया। लोकसभा में मामला उठने के बाद जैसे ही प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने इसे सदन में रखा, पूरा सदन शोरगुल और आरोप-प्रत्यारोप से गूंज उठा। विपक्ष ने चुनाव से पहले मुफ्त राशन के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप लगाया, तो सरकार ने इसे तथ्यों से परे और सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश बताया।
कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने मुफ्त राशन योजना की श्रेणियों, लाभार्थियों की वास्तविक संख्या और रद्द किए गए राशन कार्डों का विस्तृत ब्यौरा मांगा। खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर द्वारा आंकड़े पेश किए जाने के बाद बत्तरा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश में 51 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारक थे, लेकिन चुनाव के तुरंत बाद यह संख्या घटकर करीब 40 लाख रह गई।
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बत्तरा ने आरोप लगाया कि यह गिरावट अपने आप में इस बात का संकेत है कि मुफ्त राशन योजना का राजनीतिक इस्तेमाल हुआ। बत्तरा के घोटाले शब्द का इस्तेमाल करते ही मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद मोर्चे पर आ गए। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनता कांग्रेस को पहले ही नकार चुकी है और अब वह केवल अखबारों की सुर्खियां बनने के लिए ऐसे बयान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता से काम कर रही है और आंकड़ों के आधार पर ही फैसले लिए गए हैं।
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सदन में हंगामा, कांग्रेस विधायक खड़े हुए
मुख्यमंत्री की बात के दौरान ही कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक, आफताब अहमद सहित कई विधायक अपनी सीटों से उठ खड़े हुए। सदन में जोरदार शोरगुल शुरू हो गया। विपक्ष का कहना था कि सरकार सवालों से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।
स्वैच्छिक घोषणा योजना का हवाला
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की स्वैच्छिक घोषणा योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों ने खुद ही राशन लेना छोड़ दिया। इसके अलावा जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से अधिक हो गई, उनके राशन कार्ड नियमों के अनुसार काटे गए।
कटे कार्डों का आंकड़ा सामने
शोरगुल के बीच राज्य मंत्री राजेश नागर ने सदन को बताया कि अक्टूबर 2023 से नवंबर 2025 के बीच अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के 52,119 और बीपीएल श्रेणी के 17 लाख 89 हजार 297 राशन कार्ड रद्द किए गए। इस तरह कुल 18 लाख 41 हजार 416 परिवार बीपीएल और एएवाई सूची से बाहर हुए हैं।

