Political Funding Case: राजनीतिक दलों के नकद चंदे का मामला, सोमवार को कोर्ट में होगी सुनवाई
Political Funding Case: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करने वाला है, जिसमें आयकर अधिनियम के उस प्रावधान की वैधता को चुनौती दी गई है, जो राजनीतिक दलों को 2,000 रुपये से कम के 'पहचान गुप्त रखते हुए'...
Political Funding Case: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करने वाला है, जिसमें आयकर अधिनियम के उस प्रावधान की वैधता को चुनौती दी गई है, जो राजनीतिक दलों को 2,000 रुपये से कम के 'पहचान गुप्त रखते हुए' दिये गए नकद चंदे को स्वीकार करने की अनुमति देता है।
याचिका में कहा गया है कि पारदर्शिता की यह कमी चुनाव प्रक्रिया की शुचिता को कमजोर करती है, क्योंकि यह प्रावधान मतदाताओं को चंदा देने वाले और उनके उद्देश्य सहित राजनीतिक वित्तपोषण के स्रोत संबंधी अहम जानकारी से वंचित करता है, जिससे वे मतदान करते समय तर्कसंगत, समझदारी भरा और पूरी जानकारी के साथ फैसला नहीं कर पाते।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के लिए आने वाली याचिकाओं की सूची के मुताबिक न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है।
न्यायालय ने इससे पहले केंद्र, निर्वाचन आयोग और अन्य को नोटिस जारी कर मामले में जवाब-तलब किया था। खेम सिंह भाटी द्वारा दाखिल याचिका में अनुरोध किया गया है कि वह निर्वाचन आयोग को निर्देश दे कि किसी राजनीतिक दल के पंजीकरण और चुनाव चिह्न के आवंटन के लिए यह शर्त तय की जाए कि कोई भी राजनीतिक दल नकद में कोई रकम नहीं ले सकता।
याचिका में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 13ए की उपधारा (डी)को असंवैधानिक बताते हुए उसे रद्द करने का अनुरोध किया गया है। इसमें न्यायालय के 2024 के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है, जिसमें चुनावी बॉण्ड योजना को रद्द कर दिया गया था।

