Fuel Price Regional Update 2026 : आपकी रसोई से लेकर सफर तक, जानें क्या होगा महंगा और कहां मिली राहत: पेट्रोल-डीजल और गैस के नए दाम जारी
कमर्शियल गैस सिलेंडर 195.50 रुपये महंगा, पेट्रोल-डीजल और घरेलू रसोई गैस के दाम स्थिर
Fuel Price Regional Update 2026 : वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आए भारी उछाल के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को देश के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम जनता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख ईंधन—पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस (LPG)—की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, होटल और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 195.50 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
आम उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?
आम जनता के लिए स्थिति सुखद बनी हुई है क्योंकि पेट्रोल और डीजल—जिस पर देश की परिवहन व्यवस्था टिकी है—की कीमतें स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर के पुराने भाव पर ही मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम कीमतों में पिछले एक महीने में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, फिर भी सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर रिकॉर्ड 104.99 रुपये प्रति लीटर का घाटा (under-recovery) सह रही हैं, ताकि जनता को वैश्विक महंगाई की आंच से बचाया जा सके।
रसोई का बजट सुरक्षित, घरेलू गैस की कीमतें यथावत
घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को भी इस संकट से सुरक्षित रखा गया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर बरकरार है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (सब्सिडी वाली रसोई गैस) के लाभार्थियों के लिए सिलेंडर की कीमत 613 रुपये ही रहेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की ऊंची कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियां वर्तमान में प्रति सिलेंडर 380 रुपये का घाटा उठा रही हैं। भारत में घरेलू गैस की कीमतें पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी कम हैं; पाकिस्तान में इसकी कीमत 1,046 रुपये, श्रीलंका में 1,242 रुपये और नेपाल में 1,208 रुपये प्रति सिलेंडर है।
कमर्शियल सिलेंडर 195.50 रुपये महंगा, बाहर का खाना हो सकता है महंगा
व्यावसायिक इस्तेमाल वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में आज से 195.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। इसकी मुख्य वजह 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में उपजा संकट है, जिसके कारण 30 प्रतिशत वैश्विक गैस आपूर्ति बाधित है और सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 44 प्रतिशत का उछाल आया है। चूंकि होटल और ढाबों में इसी गैस का उपयोग होता है, इसलिए आने वाले दिनों में बाहर का खाना महंगा होने की आशंका है।
हवाई ईंधन और प्रीमियम पेट्रोल की स्थिति
हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान था, लेकिन सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए केवल 25 प्रतिशत (15 रुपये प्रति लीटर) का ही बोझ आगे बढ़ाया है। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल (XP95, Power95) जो कुल पेट्रोल खपत का केवल 2 से 5 प्रतिशत हिस्सा है, उसकी कीमतों में पिछले सप्ताह 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
1 अप्रैल 2026 की नई दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि सरकार ने आम उपभोक्ता को महंगाई से पूरी तरह कवच दिया है, हालांकि कमर्शियल दरों में वृद्धि का अप्रत्यक्ष असर बाजार की अन्य सेवाओं पर दिखाई दे सकता है।

