Parliament Budget Session : पश्चिम एशिया संघर्ष पर बोले जयशंकर- भारत शांति और कूटनीति का पक्षधर
प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहे
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का पक्षधर है। भारत तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ओर से दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय का कल्याण और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हम क्षेत्र के देशों की सरकारों के साथ काम करना जारी रखेंगे। हमारे राष्ट्रीय हित हमेशा सर्वोपरि रहेंगे, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक लक्ष्य शामिल हैं।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले करने तथा उसके जवाब में तेहरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इजराइल पर हमले किए जाने के बाद तेल की कीमतों में आई तेजी का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें ऊर्जा बाजार की उपलब्धता, लागत और जोखिम को पूरी तरह ध्यान में रखा जा रहा है।
भारतीय उपभोक्ताओं का हित हमारे लिए हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है और आगे भी रहेगा। जहां आवश्यक हुआ है, वहां इस अस्थिर स्थिति में भारतीय कूटनीति ने हमारी ऊर्जा कंपनियों के प्रयासों का समर्थन किया है। विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहे हैं।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत सरकार वहां की स्थिति का लगातार आकलन कर रही है और वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना जाहिर रूप से कठिन है, हालांकि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत की है।

