पंजोखरा साहिब बवाल: शैलजा ने घायलों से की मुलाकात, कहा- सरकार की तानाशाही, पर्चे रद्द कर मुआवजा दे
सांसद कुमारी शैलजा ने आदेश अस्पताल में जख्मी लोगों से मिलकर हाल जाना, कहा- आईएकेटीएफ प्रमुख की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फोर्स का इस्तेमाल और गुरूद्वारे में आंसू गैस दागना निंदनीय
सांसद एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी शैलजा ने रविवार को अंबाला के गुरूद्वारा पंजोखरा साहिब पहुंचकर मत्था टेका। इसके बाद वे आदेश अस्पताल पहुंचीं और पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना।
शैलजा ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे सरकार की 'तानाशाही' करार दिया। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट(आईएकेटीएफ) के प्रमुख गुरसिमरन सिंह मंड की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सिख समुदाय के लोगों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा बल प्रयोग और गुरूद्वारा साहिब परिसर में आंसू गैस के गोले छोड़े जाना बेहद निंदनीय है।
उन्होंने कहा, "धार्मिक स्थल की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए था। इस तरह की कार्रवाई से प्रदेश में तनाव बढ़ेगा।" शैलजा ने सरकार से मांग की कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज किए गए सभी पर्चे तुरंत रद्द किए जाएं और घायलों व प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने प्रदेश में इस तरह की घटनाओं के बढ़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि दमन से। बता दें कि दो दिन पहले अंबाला पुलिस ने गुरूद्वारा पंजोखरा साहिब के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए फोर्स का इस्तेमाल किया था। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे।

