पंजोखरा साहिब मामला: MP वरुण मुलाना, MLA निर्मल सिंह ने घायल सुरेंद्र से मिलकर मांगी हाईकोर्ट जज से जांच
सांसद वरुण मुलाना ने कहा सुरेंद्र सिंह 10 मिनट तक गाड़ी के नीचे फंसे रहे, प्रशासन समय पर हस्तक्षेप करने में फेल
पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में हुए घटनाक्रम के दौरान घायल हुए अंबाला छावनी निवासी सुरेंद्र सिंह का हालचाल जानने के लिए अंबाला लोकसभा सांसद वरुण मुलाना और अंबाला शहर विधायक निर्मल सिंह आदेश अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने अस्पताल में सुरेंद्र सिंह और उनके परिवार से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने चिकित्सकों से सुरेंद्र सिंह को हरसंभव बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने तथा परिवार को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए।
इस दौरान सांसद वरुण मुलाना ने पूरे घटनाक्रम को सरकार और प्रशासन की गंभीर नाकामी करार देते हुए कहा कि 7 तारीख को हुई घटना को समय रहते गंभीरता से संभाला जाता तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र सिंह कथित तौर पर एक गाड़ी के नीचे करीब 10 मिनट तक फंसे रहे और उन्हें बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। इसके बाद गुरु सिमरन मांड की गाड़ी पर हमला हुआ, जिसमें गुरु सिमरन मांड और उनके बेटे के घायल होने की बात सामने आई।
वरुण मुलाना ने कहा कि घटनाक्रम की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यह केवल एक विवाद नहीं रह गया, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली और पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी संभावित साजिश की आशंका की निष्पक्ष जांच जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को शुरुआत से ही दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय मामले को नियंत्रित करने में प्रशासन विफल रहा और स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
सांसद ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते सभी पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से सुनता और निष्पक्ष कार्रवाई करता, तो जीटी रोड तक मामला पहुंचने की स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन ने शुरुआती स्तर पर विवाद को शांत करने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।
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सांसद वरुण मुलाना ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में करवाई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटनाक्रम कैसे बढ़ा, प्रशासन की ओर से कहां-कहां चूक हुई और क्या इसके पीछे किसी राजनीतिक साजिश या सुनियोजित तरीके से विवाद को बढ़ाने का प्रयास तो नहीं था।
उन्होंने कहा कि अंबाला की जनता शांतिप्रिय है और यहां आपसी भाईचारा वर्षों पुराना है। किसी भी घटना को धार्मिक रंग देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगी। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्षता के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखे और किसी भी समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ न होने दे।
वहीं विधायक निर्मल सिंह ने कहा कि अंबाला शहर हमेशा से आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल के लिए जाना जाता है। पंजोखरा साहिब का घटनाक्रम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ आपसी भाईचारे को भी प्रभावित किया है।
निर्मल सिंह ने कहा कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
दोनों नेताओं ने कहा की सरकार को मामले को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय निष्पक्षता, संवेदनशीलता और कानून के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
मुख्य मांगें
- पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
- हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच करवाकर सच्चाई सामने लाई जाए।
- सभी पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष एवं समान कार्रवाई की जाए।
- घायलों को बेहतर उपचार और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहयोग दिया जाए।
- अंबाला के भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी प्रयास को सख्ती से रोका जाए।

