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PACL Scam : ईडी की बड़ी कार्रवाई: पंजाब-राजस्थान में 37 संपत्तियां कुर्क, करीब 2,000 करोड़ का खुलासा

PACL Scam : प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब और राजस्थान में स्थित 37 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत रुपये 1,986.48 करोड़ बताई गई है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत की...

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PACL Scam : प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब और राजस्थान में स्थित 37 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत रुपये 1,986.48 करोड़ बताई गई है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत की गई है और एमएस पीएसीएल लिमिटेड से जुड़े बहुचर्चित वित्तीय घोटाले की जांच का हिस्सा है।

कुर्क की गई संपत्तियां पंजाब के लुधियाना और राजस्थान के जयपुर में स्थित हैं। जांच की यह प्रक्रिया 19 फरवरी 2014 को दर्ज एफआईआर से जुड़ी है, जिसे Central Bureau of Investigation ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 बी और 420 के तहत दर्ज किया था।

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कैसे चला अवैध निवेश का खेल

जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने कृषि भूमि की बिक्री और विकास के नाम पर एक अवैध सामूहिक निवेश योजना चलाई। इस योजना के जरिए देशभर के लाखों निवेशकों से रुपये 60,000 करोड़ से अधिक की राशि जुटाई गई। निवेशकों को नकद डाउन पेमेंट और किस्तों के माध्यम से पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया और उनसे भ्रामक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए।

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अधिकांश मामलों में निवेशकों को कोई भूमि नहीं दी गई। जांच एजेंसियों के अनुसार करीब रुपये 48,000 करोड़ की राशि अब भी निवेशकों को नहीं लौटाई गई है। धन को छिपाने और अवैध लाभ दिखाने के लिए कई फ्रंट कंपनियों और रिवर्स सेल लेनदेन का सहारा लिया गया।

कहां गया निवेशकों का पैसा

जांच में यह भी स्थापित हुआ कि निवेशकों से जुटाई गई राशि को विभिन्न संबंधित और असंबंधित इकाइयों के जरिए घुमाकर निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और पीएसीएल से जुड़ी इकाइयों के बैंक खातों में पहुंचाया गया। इसी धन से अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

मामले में भंगू की पत्नी प्रेम कौर, बेटियां बरिंदर कौर और सुखविंदर कौर, दामाद गुरप्रताप सिंह और करीबी सहयोगी प्रतीक कुमार के खिलाफ खुले गैर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं।

अब तक की कार्रवाई

ED ने वर्ष 2016 में ईसीआईआर दर्ज की थी। इसके बाद 2018 में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई, जबकि 2022 और 2025 में दो पूरक अभियोजन शिकायतें भी दायर की गईं। विशेष पीएमएलए अदालत ने अब तक दाखिल सभी शिकायतों पर संज्ञान ले लिया है।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, ताजा कुर्की के साथ अब तक रुपये 7,589 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं, जिनमें देश और विदेश दोनों स्थानों की संपत्तियां शामिल हैं।

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