सर्वदलीय बैठक से विपक्ष का वॉकआउट, TMC और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों के मुद्दे पर जताया विरोध
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर उठाए सवाल; कुछ देर बाद बैठक में लौटे, 20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र से पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे UBT) के बागी सांसदों से जुड़े मामलों को लेकर विरोध जताते हुए बैठक से वॉकआउट किया। हालांकि, कुछ देर बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने बैठक से बाहर आने के बाद कहा कि संविधान की भावना के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिवसेना (उबाठा) के साथ जो हुआ है, उसके विरोध में विपक्ष ने बहिर्गमन किया।
दरअसल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी थी। इसके साथ ही, तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों, जिन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) का गठन किया है, उन्हें लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की भी स्वीकृति दी गई।
शिवसेना (उबाठा) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि पार्टी से बगावत करने वाले सभी सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दल-बदल विरोधी कानून की भावना के विपरीत फैसले लिए गए हैं।
सर्वदलीय बैठक संसद के प्रत्येक सत्र से पहले आयोजित की जाती है। इसमें सरकार अपने विधायी एजेंडे की जानकारी देती है और सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग का अनुरोध करती है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और अन्य विधायी कार्य सदन में पेश कर सकती है।
सर्वदलीय बैठक के विरोध पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "सभी में एकजुटता है। कांग्रेस कहना चाहती है कि AICC अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संयुक्त पत्र लिखा है कि राम मंदिर में डाका डाला गया है। हम उस पत्र का समर्थन करते हैं। यह मुद्दा सड़कों पर पहले है और सदन में बाद में आया है। जनता की श्रद्धा की चोरी हुई है।"
#WATCH दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "सभी में एकजुटता है। कांग्रेस कहना चाहती है कि AICC अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संयुक्त पत्र लिखा है कि राम मंदिर में डाका डाला गया है। हम… pic.twitter.com/CqsrS1pfr7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 19, 2026
RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, "सर्वदलीय बैठक की उपयोगिता और प्रासंगिकता जमींदोज कर दी गई है। इसकी कोई अहमियत नहीं है। रक्षा मंत्री सभी को सुनते हैं लेकिन सब कुछ सुनने के बाद उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जिन्हें निर्णय लेना होता है, वे इस बैठक में नहीं आते हैं। अगर इसकी प्रासंगिकता बरकरार रखनी है तो आपको अपनी कही बातों पर अमल करना होगा। स्पीकर ने TMC के अलग बैठने की व्यवस्था को माना है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने NCPI को चिट्ठी लिख दी है। हमने ऐसी घटना कभी देखी और सुनी नहीं है।"
#WATCH दिल्ली: RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, "सर्वदलीय बैठक की उपयोगिता और प्रासंगिकता जमींदोज कर दी गई है। इसकी कोई अहमियत नहीं है। रक्षा मंत्री सभी को सुनते हैं लेकिन सब कुछ सुनने के बाद उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जिन्हें निर्णय लेना होता है, वे इस बैठक में नहीं आते… pic.twitter.com/sk8DKerteh
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बागी TMC सांसदों पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "किस आधार पर संसदीय कार्य मंत्री ने उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया? तृणमूल कांग्रेस की संख्या अभी भी 28 ही दिख रही है।" मोइत्रा ने कहा, "आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तथाकथित NCPI (जो एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है) के मामले में, टेबल ऑफिस द्वारा दी गई सूची में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की संख्या 28 सदस्य दिखाई गई है।''
#WATCH दिल्ली: TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तथाकथित NCPI (जो एक गैर-मान्यता प्राप्त… pic.twitter.com/ljMj3Ts89b
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मोइत्रा ने कहा, इन तथाकथित बागी 20 सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है। अयोग्यता से जुड़ी 20 याचिकाएं अभी भी लंबित हैं। 91वें संशोधन के बाद, किसी अलग गुट के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। तो संसदीय कार्य मंत्री ने किन आधारों पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? हमने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और विरोध के प्रतीक के तौर पर बैठक से बाहर निकल आए हैं। हम अपनी सभी विपक्षी पार्टियों का धन्यवाद करते हैं।"
JMM की राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा, आप देख सकते हैं कि भाजपा कैसे दूसरी पार्टियों के सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है। लगता है कि उन्हें अभी भी बहुमत के लिए लगभग 6 सीटों की कमी है। इसलिए उन्हें INDIA गठबंधन पर निर्भर रहना ही होगा।
#WATCH दिल्ली: JMM की राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा, "आप देख सकते हैं कि भाजपा कैसे दूसरी पार्टियों के सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है। लगता है कि उन्हें अभी भी बहुमत के लिए लगभग 6 सीटों की कमी है। इसलिए उन्हें INDIA गठबंधन पर निर्भर रहना ही होगा। उन्होंने महिला… pic.twitter.com/mOS9wLLSqm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 19, 2026
उन्होंने महिला आरक्षण बिल, जिसे हमने 2023 में बिना किसी विवाद के सर्वसम्मति से पास किया था, उसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की। हम सभी महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं लेकिन जिस तरह से वे इसके साथ परिसीमन को लाना चाहते थे, उसे लेकर चिंताएं थीं, खासकर परिसीमन आयोग के गठन को लेकर... झारखंड जैसे राज्य में अगर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाता है, तो ST सीटों को काफी नुकसान होगा। अगर सरकार यह भरोसा दे कि कोई सीट कम नहीं होगी, तो अगर सभी विपक्षी पार्टियां सहमत हों तो हमारी पार्टी अपने रुख पर फिर से विचार कर सकती है। लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई बातचीत नहीं हुई है।"

