साल 2029 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए सरकार बृहस्पतिवार को संविधान संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। इसके साथ ही लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए परिसीमन विधेयक और ‘केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026’ भी लोकसभा में पेश किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस सहित कई प्रमुख विपक्षी दलों ने बुधवार को कहा कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन इस विधेयक के परिसीमन के प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेंगे।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ एकजुट होकर वोट करेंगे।
बैठक के बाद खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। हालांकि, जिस तरह से इसे लाया गया है वह राजनीति से प्रेरित है। लगता है कि परिसीमन पर सरकार कुछ गलत मंशा के साथ कदम बढ़ा रही है।’ उधर, दक्षिण के गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों ने भी एकजुट होकर अपने-अपने राज्यों के हितों को लेकर चिंता जताई।
गौर हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि यदि 2029 में लोकसभा एवं विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जब महिलाएं नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगी, तब विकसित भारत की यात्रा अधिक सशक्त एवं तेज होगी।

