Operation Sindoor 'ऑपरेशन सिंदूर' में जवानों की शहादत छिपाई, संसद को किया गुमराह : कांग्रेस
कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान छह जवानों के सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानकारी छिपाकर सैनिकों का अपमान किया गया और इस विषय पर देश की संसद को...
कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान छह जवानों के सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानकारी छिपाकर सैनिकों का अपमान किया गया और इस विषय पर देश की संसद को भी गुमराह किया गया।
पवन खेड़ा ने साझा किया रक्षा मंत्री का वीडियो
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पिछले साल (2025 में) संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में दिए गए भाषण का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में रक्षा मंत्री यह कहते सुने जा सकते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान देश के जांबाज सैनिकों को कोई नुकसान या क्षति नहीं हुई है। दरअसल, पिछले साल मई 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए छह सैन्य कर्मियों (थलसेना के 5 और वायुसेना के 1 कर्मी) के नाम हाल ही में राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) पर अंकित किए गए हैं। सरकार द्वारा इन नामों को सार्वजनिक किए जाने के बाद यह विवाद खड़ा हुआ है।
‘या तो रक्षा मंत्री को जानकारी नहीं थी या उन्होंने झूठ बोला’
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले में सिर्फ दो ही संभावनाएं हो सकती हैं। पहली संभावना यह है कि जब रक्षा मंत्री ने संसद को संबोधित किया, तो उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि हमारे छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न है जिसे अपने ही मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है। दूसरी संभावना यह है कि रक्षा मंत्री को पूरी सच्चाई मालूम थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना। यह और भी अधिक गंभीर है क्योंकि इससे सिद्ध होता है कि यह सरकार लोकतंत्र के मंदिर में देश से झूठ बोलती है। खेड़ा ने आगे कहा कि सच्चाई जो भी हो, लेकिन तथ्य नहीं बदलते। हमारे छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे। यह हमारे सैनिकों का अपमान है और कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर मौन नहीं रह सकता।
राष्ट्रीय समर स्मारक पर अंकित हुए इन शहीदों के नाम:
थलसेना (Indian Army):
सूबेदार मेजर पवन कुमार
राइफलमैन सुनील कुमार
लांस नायक दिनेश कुमार
अग्निवीर एम मुरलीनाइक
हवलदार सुनील कुमार सिंह
भारतीय वायुसेना (IAF):
6. सार्जेंट सुरेंद्र कुमार

