Operation Sindoor : युद्धविराम वाले दिन ट्रंप प्रशासन के सहयोगियों से भारतीय दूतावास ने संपर्क किया, अमेरिकी लॉबी फर्म का दावा
Operation Sindoor : भारत–पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े सैन्य तनाव के दौरान 10 मई को बने युद्धविराम के दिन अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने ट्रंप प्रशासन के 3 वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया था। यह दावा अमेरिका की...
Operation Sindoor : भारत–पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े सैन्य तनाव के दौरान 10 मई को बने युद्धविराम के दिन अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने ट्रंप प्रशासन के 3 वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया था। यह दावा अमेरिका की एक लॉबी फर्म की ओर से विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (एफएआरए) के तहत किए गए आधिकारिक खुलासों में सामने आया है।
हालांकि, इन खुलासों में कहीं भी यह संकेत नहीं मिलता कि भारतीय पक्ष ने अमेरिका से किसी औपचारिक मध्यस्थता या हस्तक्षेप का अनुरोध किया हो।
किन वरिष्ठ अधिकारियों से हुआ संपर्क
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एफएआरए फाइलिंग के अनुसार, भारतीय दूतावास ने व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूज़ी वाइल्स, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारी रिकी गिल से फोन कॉल और अन्य माध्यमों से संवाद किया।
दस्तावेजों में इन बातचीत का उद्देश्य भारत–पाकिस्तान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम की ‘मीडिया कवरेज’ पर चर्चा बताया गया है।
अमेरिकी लॉबी फर्म का खुलासा
यह विवरण वॉशिंगटन स्थित लॉबी फर्म एसएचडब्ल्यू पार्टनर्स एलएलसी द्वारा एफएआरए के तहत दाखिल दस्तावेजों में दिया गया है। फर्म का नेतृत्व ट्रंप के पूर्व सलाहकार जेसन मिलर करते हैं।
एफएआरए रिकॉर्ड के मुताबिक, भारतीय दूतावास ने इस फर्म को अप्रैल 2025 के अंत में नियुक्त किया था, ताकि भारत–अमेरिका व्यापार वार्ताओं और व्यापक नीतिगत संवाद में सहयोग लिया जा सके। यह अवधि 22 अप्रैल के आतंकी हमले और उसके बाद शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी रही।
मीडिया नैरेटिव पर फोकस
फाइलिंग में दर्ज गतिविधि विवरण के अनुसार, 10 मई को किया गया संपर्क व्हाइट हाउस, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और अमेरिकी व्यापार तंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुए व्यापक संवाद का हिस्सा था।
इन कॉल और ईमेल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी मीडिया में तथ्यात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग हो, खासकर उस समय जब युद्धविराम की स्थिति बन रही थी।
युद्धविराम को लेकर भारत का रुख
युद्धविराम की सार्वजनिक घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने उसी दिन की थी और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में इसे अमेरिकी भूमिका से जोड़कर देखा गया।
इसके विपरीत, भारतीय अधिकारियों ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि यह समझ सीधे भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच बनी थी और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता शामिल नहीं थी।
भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया
एफएआरए खुलासों के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उसी दिन घटनाक्रम के क्रम का हवाला देते हुए युद्धविराम की परिस्थितियों पर और स्पष्टता की मांग की है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि 10 मई 2025 को कई अहम घटनाक्रम हुए, जिनमें शाम 5 बजकर 37 मिनट पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोके जाने की पहली सार्वजनिक टिप्पणी भी शामिल थी।

