ना कोई बहस-ना ही चर्चा, संसद में नारेबाजी जारी; फिर भी पास हो गया जन्म-मृत्यु पंजीकरण बिल 2026
जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक संसद से पारित
Birth and Death Registration Bill 2026 : लोकसभा ने शुक्रवार को जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी कानून में संशोधन करने के प्रावधान वाले विधेयक को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित कर दिया। राज्यसभा में बीते 29 जुलाई को यह विधेयक पारित किया गया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित करने के लिए पेश किया।
इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्य दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। सदन ने बिना चर्चा के ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक पर अपने संशोधन भी पेश नहीं किए। बीते 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दी थी और इसे 29 जुलाई को सदन में पेश किया गया था। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 13(3) में और संशोधन करना है, ताकि विलंब से होने वाले पंजीकरण के प्रावधानों को और अधिक कड़ा बनाया जा सके।
मौजूदा प्रावधानों के तहत यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अथवा किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है। विधेयक में देरी की अवधि के आधार पर दो-स्तरीय मंजूरी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। विधेयक पारित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि यह इतना महत्वपूर्ण विधेयक है और ''हम चाहते थे कि सब सदस्य इसके भाग लें।''
उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्ष के साथियों ने विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया और अब उन्हें सदन से बाहर जाकर यह नहीं कहना चाहिए कि बिना चर्चा के क्यों पारित किया। रीजीजू ने कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता आपसे जवाब मांगेगी। अब आप बाहर जाकर यह आरोप नहीं लगा सकते कि बिना चर्चा के विधेयक पारित कराया गया है। आपने अवसर गंवा दिया है।''
उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि सदन में आगे आने वाले विधेयकों पर सहयोग करें और चर्चा में भाग लें। पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने हंगामा कर रहे विपक्ष के साथियों से कहा कि सभी ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विधेयक पर सहयोग की बात कही थी, लेकिन यहां आप हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आपके सहयोग के बिना विधेयक पारित करना पड़ा। यह सही नहीं है।'' हंगामा नहीं थमने पर सैकिया ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगि कर दी।

