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Bihar Politics : राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने दिया एमएलसी पद से इस्तीफा

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव : 16 मार्च को हुए थे उच्च सदन के लिए निर्वाचित; अब विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा, चारों सदनों का अनुभव रखने वाले नेताओं में हुए शुमार

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पटना में बृहस्पतिवार को नीतीश कुमार शपथ लेते हुए। -प्रेट्र
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Bihar Politics :  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद आज विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हाल ही में 16 मार्च 2026 को उन्हें उच्च सदन यानी राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया था।

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भारतीय संविधान के प्रावधानों और जनप्रतिनिधित्व कानून के अनुसार, संसद के किसी भी सदन का सदस्य चुने जाने के बाद 14 दिनों के भीतर राजनेता को राज्य विधानमंडल (विधानसभा या विधान परिषद) से अपना इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। इसी नियम के तहत 30 मार्च की तय समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले उन्होंने अपनी विधान परिषद की सदस्यता त्याग दी।

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चारों सदनों का प्रतिनिधित्व करने का विशेष गौरव

नीतीश कुमार वर्ष 2006 से लगातार बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं और अब उच्च सदन का रुख कर रहे हैं। राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही उनके लंबे राजनीतिक सफर में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। अब नीतीश कुमार देश के उन चुनिंदा और दुर्लभ राजनेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के चारों सदनों—विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा का प्रतिनिधित्व किया है। 1985 में हरनौत से पहली बार विधायक का चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले नीतीश कुमार 1989 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे।

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