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निखिल गुप्ता का खुलासा: हरदीप सिंह निज्जर भी था निशाने पर, DEA एजेंट को बताया

Hardeep Singh Nijjar: अमेरिका में सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर चुके भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के एक अंडरकवर एजेंट से कहा था कि हरदीप...

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हरदीप सिंह निज्जर की फाइल फोटो।
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Hardeep Singh Nijjar: अमेरिका में सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर चुके भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के एक अंडरकवर एजेंट से कहा था कि हरदीप सिंह निज्जर “भी एक लक्ष्य था।” यह बात उन्होंने कनाडा में अज्ञात हमलावरों द्वारा निज्जर की हत्या के ठीक एक दिन बाद कही थी।

कनाडाई नागरिक निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत सरकार ने उन्हें पहले खालिस्तान समर्थक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में आतंकवादी घोषित किया था।

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अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने अदालत के दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि 19 जून 2023 को  यानी निज्जर की हत्या के अगले दिन गुप्ता ने अंडरकवर DEA अधिकारी से कहा कि निज्जर “भी एक लक्ष्य था” और यह भी जोड़ा, “हमारे पास बहुत सारे लक्ष्य हैं।” DoJ के अनुसार, निज्जर प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के प्रमुख पन्नून के सहयोगी थे।

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बयान में “पीड़ित” पन्नू को भारत सरकार के मुखर आलोचक के रूप में वर्णित किया गया है, जो अमेरिका स्थित एक संगठन का नेतृत्व करते हैं और पंजाब के भारत से अलग होकर ‘खालिस्तान’ नामक सिख संप्रभु राज्य बनाने की वकालत करते हैं।

अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, गुप्ता ने पहले अंडरकवर अधिकारी को निर्देश दिया था कि जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान पन्नू की हत्या की योजना को अंजाम न दिया जाए।

हालांकि, निज्जर की हत्या जो प्रधानमंत्री की यात्रा से दो दिन पहले हुई के बाद गुप्ता ने कथित तौर पर संकेत दिया कि अब हमले को टालने की आवश्यकता नहीं है।DoJ ने आरोप लगाया है कि गुप्ता ने भारत और अन्य स्थानों पर मौजूद सहयोगियों के साथ मिलकर काम किया, जिनमें सह-आरोपी विकास यादव भी शामिल हैं। अभियोग पत्र में यादव को भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय का कर्मचारी बताया गया है, जिसके अंतर्गत देश की बाहरी खुफिया एजेंसी ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (RAW) आती है।

अभियोजकों का दावा है कि यादव के निर्देश पर गुप्ता ने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया, जिसे वह आपराधिक सहयोगी समझते थे, ताकि न्यूयॉर्क सिटी में एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की व्यवस्था की जा सके। वह व्यक्ति वास्तव में DEA के साथ काम कर रहा एक गोपनीय सूत्र था, जिसने गुप्ता की मुलाकात एक कथित सुपारी किलर से कराई — जो दरअसल एक अंडरकवर DEA अधिकारी था।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यादव ने गुप्ता के माध्यम से हत्या के लिए 1,00,000 डॉलर देने पर सहमति जताई थी और जून 2023 में 15,000 डॉलर नकद अग्रिम के रूप में दिए गए थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि कथित लक्ष्य की निजी जानकारी, जैसे घर का पता, फोन नंबर और दैनिक गतिविधियां, अंडरकवर अधिकारी को साझा की गई थीं, साथ ही समय-समय पर अपडेट और निगरानी की तस्वीरें भी भेजी गई थीं। गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और बाद में प्रत्यर्पित कर अमेरिका लाया गया, जहां उन्होंने मामले में दोष स्वीकार कर लिया है।

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