Revenge Killing : खरावड़ फायरिंग के चार दिन बाद जेएलएन नहर में मिला सत्यवान का शव, जीपीएस से रची गई थी हत्या की साजिश
फायरिंग के बाद नहीं मिला था शव
खरावड़ पुल के पास 20 फरवरी को लगभग 20 राउंड फायरिंग के बाद लापता हुए खेड़ीसाध गांव के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान का शव चार दिन बाद जवाहरलाल नेहरू नहर में कनेहली गांव के पास बरामद हुआ। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है।
20 फरवरी को खरावड़ पुल के पास सत्यवान की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। मौके से गोलियों के खोल तो मिले, लेकिन सत्यवान का कोई सुराग नहीं मिला था। शव न मिलने से पुलिस की लगातार किरकिरी हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
जीपीएस लगाकर रची गई साजिश
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पहले सत्यवान की कार के नीचे जीपीएस डिवाइस लगाया। घर के बाहर लगे सीसीटीवी में एक युवक कार के नीचे कुछ लगाते हुए दिखाई दिया। उसी के आधार पर पुलिस ने मनीष और मनजीत नामक दो युवकों को पांच अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया। दोनों की निशानदेही पर जेएलएन नहर से शव बरामद किया गया।
‘मामा की हत्या’ का बदला
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भोरिया के अनुसार, हत्या का कारण पुरानी रंजिश है। सत्यवान पर सन 2018 में गांव के ही एक युवक की हत्या का आरोप था और वह पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था। बताया जा रहा है कि उसी हत्या का बदला लेने के लिए भांजे ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
जिस व्यक्ति ने पहले हत्या की जिम्मेदारी ली थी, उसका इस वारदात से कोई संबंध नहीं पाया गया। पुलिस का कहना है कि उसका मकसद केवल दहशत फैलाना था।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
बरामद शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

