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जींद की नेहा ने रचा इतिहास, पंजाब-हरियाणा दोनों की Judicial Service परीक्षा पास करने वाली इकलौती महिला बनीं

Judicial Service Examination: हरियाणा के जींद जिले के छोटे से कस्बे नरवाना की रहने वाली और पटियाला में विवाह के बाद बस चुकीं नेहा दीवान करकरा ने न्यायिक क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। वह वर्ष 2025 की पंजाब और...

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सक्रिय कानूनी पेशे के अलावा, नेहा शिक्षा जगत में भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। ट्रिब्यून फोटो
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Judicial Service Examination: हरियाणा के जींद जिले के छोटे से कस्बे नरवाना की रहने वाली और पटियाला में विवाह के बाद बस चुकीं नेहा दीवान करकरा ने न्यायिक क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। वह वर्ष 2025 की पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायिक सेवा परीक्षाओं में चयनित होने वाली इकलौती महिला अधिवक्ता बन गई हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह दोनों प्रतिष्ठित परीक्षाएं पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की हैं।

नेहा, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं और पटियाला के वरिष्ठ अधिवक्ता मयूर करकरा की पत्नी हैं। उनकी इस दोहरी सफलता से न केवल पटियाला बल्कि उनके गृह नगर नरवाना (जींद) का नाम भी रोशन हुआ है।

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पहले ही प्रयास में बड़ी उपलब्धि

हालांकि नेहा इससे पहले निचली न्यायिक सेवा परीक्षाओं में शामिल हो चुकी थीं, लेकिन उच्च न्यायिक सेवा के लिए यह उनका पहला प्रयास था। पहले ही प्रयास में दो राज्यों में चयन ने उनकी उपलब्धि को और भी असाधारण बना दिया है।

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पटियाला बार से करियर की शुरुआत

नेहा ने अपने विधिक करियर की शुरुआत 2018-19 में पटियाला बार से की थी। उन्हें शुरुआती दौर में अपने ससुर और पटियाला के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश कर्करा से मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिला। वर्ष 2019 से वह अपने पति मयूर करकरा के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ में सक्रिय वकालत कर रही हैं।

अकादमिक क्षेत्र में भी सक्रिय

अदालती कार्य के साथ-साथ नेहा अकादमिक क्षेत्र में भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। वह यूआईएलएस विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। छात्र और सहकर्मी उन्हें एक ऐसी शिक्षिका के रूप में जानते हैं, जो कोर्ट और क्लासरूम के बीच बेहतरीन संतुलन बनाती हैं।

परिवार को दिया श्रेय

अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा ने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार के सहयोग के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने अपनी दिवंगत मां को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपने माता-पिता, छोटे बेटे युव प्रताप, तथा पति मयूर कर्करा का आभार जताया, जिन्होंने तैयारी और व्यस्त पेशेवर जीवन के दौरान उन्हें निरंतर भावनात्मक और मानसिक संबल दिया।

कानूनी जगत में सराहना

पटियाला और चंडीगढ़ के विधिक जगत ने नेहा की इस उपलब्धि की जमकर सराहना की है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे महिला अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है। एक छोटे शहर से निकलकर दो राज्यों की उच्च न्यायिक सेवा में चयन तक का उनका सफर संघर्ष, अनुशासन और उत्कृष्टता की मिसाल बन गया है।

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जींद की नेहा दीवान कर्करा ने इतिहास रचते हुए 2025 में पंजाब और हरियाणा दोनों की उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा पहले प्रयास में पास की। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली इकलौती महिला हैं।

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