600 करोड़ के ड्रग डाइवर्जन रैकेट में NCB का बड़ा एक्शन, Digital Vision के मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
Drug Diversion Racket: 600 करोड़ रुपये के ड्रग डाइवर्जन रैकेट में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश के काला अंब स्थित फार्मा कंपनी Digital Vision के मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए...
Drug Diversion Racket: 600 करोड़ रुपये के ड्रग डाइवर्जन रैकेट में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश के काला अंब स्थित फार्मा कंपनी Digital Vision के मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। जिन लोगों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें अंबाला निवासी पारसोतम लाल गोयल और उनके बेटे कोनिक गोयल तथा मानिक गोयल शामिल हैं।
NCB की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को जांच के दौरान पता चला कि कंपनी ने सात राज्यों में बड़े स्तर पर साइकोट्रॉपिक दवाओं की अवैध सप्लाई की। मामला तब सामने आया जब कंपनी के पार्टनर अनुज कुमार को 1 नवंबर को गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान NCB ने अब तक 611 किलो साइकोट्रॉपिक पाउडर, 573 किलो ट्रामाडोल बल्क मिश्रण, 12 लाख साइकोट्रॉपिक टैबलेट, 50,000 ट्रामाडोल एम्प्यूल और 5,000 मिडाजोलम वायल जब्त की हैं। अब तक की बरामदगी में 34 लाख से ज्यादा साइकोट्रॉपिक टैबलेट, 10.57 लाख कफ सिरप बोतलें, 1,613 किलो कच्चा माल और 573 किलो ट्रामाडोल बल्क मिश्रण शामिल है। रैकेट में अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
NCB के अनुसार, Digital Vision इस पूरे नेटवर्क का मुख्य निर्माण और सप्लाई केंद्र था। कंपनी कथित तौर पर ट्रामाडोल कैप्सूल और कोडीन फॉस्फेट कफ सिरप फर्जी डिस्ट्रिब्यूटर फर्मों जोधपुर और देहरादून को भेजती थी, जो सिर्फ कागजों पर अस्तित्व में थीं।
गौरतलब है कि Digital Vision इससे पहले भी विवादों में रही है। वर्ष 2020 में इसकी एक कफ सिरप को उधमपुर में 12 शिशुओं की मौत से जोड़ा गया था। NCB की यह कार्रवाई देश में दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।

