बजट 2026 में पहले NBFC और केमिकल उद्योग की सरकार से बड़ी उम्मीदें
Budget 2026: बजट 2026 से पहले देश के NBFC सेक्टर और केमिकल उद्योग ने सरकार से कई अहम नीतिगत कदम उठाने की उम्मीद जताई है। दोनों क्षेत्रों का मानना है कि सही फैसलों से MSME, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को बड़ा...
Budget 2026: बजट 2026 से पहले देश के NBFC सेक्टर और केमिकल उद्योग ने सरकार से कई अहम नीतिगत कदम उठाने की उम्मीद जताई है। दोनों क्षेत्रों का मानना है कि सही फैसलों से MSME, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।
कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) के CEO पिनांक शाह ने कहा कि MSME और रिटेल ग्राहकों तक अंतिम छोर तक कर्ज पहुंचाने में NBFC की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने मांग की कि NBFC को सभी लोन वैल्यू पर SARFAESI अधिकार दिए जाएं, जिससे कर्ज की रिकवरी तेज हो सके और उधारकर्ताओं को सस्ता लोन उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने MSME पर केंद्रित NBFC के लिए रीफाइनेंस और लिक्विडिटी विंडो, लंबी अवधि की फंडिंग और मजबूत डिजिटल क्रेडिट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर भी जोर दिया।
वहीं, विपुल ऑर्गेनिक्स लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाह ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में सरकार के लगातार नीति समर्थन से भारत का केमिकल उद्योग मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, वैश्विक कंपनियां अब सप्लाई के लिए एक ही देश पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं, जिससे भारत के पास ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का बड़ा मौका है। उन्होंने बजट में केमिकल पार्क्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने, और लॉजिस्टिक्स सुधार पर निवेश बढ़ाने की मांग की।
मिहिर शाह ने कहा कि केमिकल उद्योग में भारी पूंजी निवेश लगता है, इसलिए लंबी अवधि की सस्ती पूंजी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इससे टेक्नोलॉजी अपग्रेड, सुरक्षा मानकों और आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम में निवेश आसान होगा। साथ ही, देश में ही मुख्य कच्चे माल (Key Intermediates) का उत्पादन बढ़ाने से आयात पर निर्भरता घटेगी और घरेलू वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा।

