नेपाल में कुदरत का कहर : कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे, बाढ़ में फंसे 53 भारतीय अब पहुंचे काठमांडू
चीन सीमा पर फंसे 53 भारतीय पहुंचे काठमांडू, 579 लोगों की मौत
Nepal Flood : नेपाल में 26 अगस्त से जारी भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और भूस्खलन के बीच नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक चीन की तरफ फंसे 53 भारतीय नागरिक शुक्रवार को सुरक्षित काठमांडू पहुंच गए। इनमें महाराष्ट्र के 37 लोग शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय बाढ़ के कारण तिब्बत में फंस गए थे।
महाराष्ट्र के 395 नागरिक अब भी प्रभावित क्षेत्र में
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, नेपाल-तिब्बत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राज्य के 395 नागरिक फंसे हुए हैं। इनमें से 325 लोगों से संपर्क हो चुका है और उनके सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। वहीं, तिब्बत के रिया/रियू क्षेत्र में करीब 60 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं। अन्य 10 लोगों से भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। सरकार ने बताया कि सुरक्षित लोगों को काठमांडू से भारत वापस लाने की प्रक्रिया जारी है। इनमें नागपुर के 105 नागरिक भी शामिल हैं।
579 लोगों की मौत, करीब 2 हजार लापता
नेपाल में प्राकृतिक आपदा का असर बेहद भयावह है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, अब तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 1,924 लोग लापता बताए गए हैं। इनमें हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े 933 लोग और 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। रेस्क्यू टीमों ने अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला है। राहत अभियान में 15,431 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में राहत अभियान को गति देने के लिए भारत लगातार सहायता भेज रहा है। भारत ने शुक्रवार को 10 टन मानवीय सहायता की तीसरी खेप काठमांडू भेजी, जिससे अब तक भेजी गई राहत सामग्री की कुल मात्रा 57.5 टन हो गई है। इसके साथ डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों की टीम भी भेजी गई है।
इस बीच, नेपाल में फंसे लोगों के परिजन अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बाढ़ ने कई सीमावर्ती रास्तों और संपर्क मार्गों को तबाह कर दिया है, जिससे बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

