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MP Factory Explosion : 'कोई मदद को नहीं आया, भाई को खुद बाहर निकाला'… मजदूर ने सुनाई दर्दनाक कहानी

फैक्ट्री में नहीं थे सुरक्षा इंतजाम... चश्मदीद ने कहा, 'नाश्ते के बाद काम पर लौटे मजदूर, फिर हुआ धमाका'

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सांकेतिक फाइल फोटो।
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MP Factory Explosion : मध्यप्रदेश के देवास जिले में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पटाखा कारखाने में बृहस्पतिवार को हुए विस्फोट की भयावहता के निशान साफ दिखाई देते हैं। इस घटना में प्रशासन ने अब तक तीन मजदूरों की मौत और करीब 15 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। विस्फोट तकरीबन 25 गुणा 25 फुट के कमरे में हुआ जहां मजदूर बारूद से जुड़ा काम कर रहे थे। सीमेंट के जिन ब्लॉक से इस कमरे को बनाया गया था, वे धमाके के बाद मलबे में तब्दील होकर इसके आस-पास बिखरे दिखाई दिए, जबकि छत के निर्माण में इस्तेमाल लोहे की चादरों के परखच्चे उड़ गए।

गांव में भी सुनाई दी थी धमाके की आवाज

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घटना के बाद अग्निशामक यंत्र बेतरतीब तरीके से जमीन पर पड़े नजर आए। विस्फोट इतना भीषण था कि इसकी आवाज पास के गांव में भी सुनाई दी। अग्निकांड में झुलसे तीन प्रवासी मजदूरों को इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इनमें नवीन कुमार के सगे भाई निरंजन कुमार और दो दोस्त शामिल हैं। बिहार से ताल्लुक रखने वाले मजदूर नवीन कुमार ने बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले उनके साथी श्रमिक नाश्ते के बाद आराम कर रहे थे, लेकिन कारखाना प्रबंधन के लोगों ने उन्हें दोबारा काम पर बुला लिया।

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15-20 लोग कर रहे थे काम

उन्होंने बताया कि कारखाने के जिस कमरे में बारूद रखा था, वहां 15-20 लोग काम कर रहे थे और उसमें सुबह 11 बजे के आस-पास अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। मेरे साथ कुछ मजदूर इस कमरे के बाहर काम कर रहे थे। धमाके के बाद मुझे अपने भाई की चीखें सुनाई दीं और मैंने उसे झुलसी हालत में बाहर निकाला, लेकिन मजदूरों के ठेकेदार और कारखाना प्रबंधन के लोगों ने हमारी कोई मदद नहीं की। पटाखा कारखाने में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और बिहार से बड़ी तादाद में मजदूरों को 14,000 रुपये की मासिक पगार पर यह कहकर इस इकाई में लाया गया था कि उन्हें बस 'धूल-मिट्टी का काम' करना है।

मजदूरों की शिकायत पर नहीं दिया गया ध्यान

उन्होंने दावा किया कि कुमार ने भीषण गर्मी के चलते विस्फोट का संदेह जताते हुए कहा कि कारखाने के बारूद वाले कमरे में पानी का छिड़काव वक्त पर नहीं किया जाता था और इस बारे में मजदूरों की शिकायत पर ध्यान भी नहीं जाता था। अग्निकांड के तत्काल बाद के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं जिनमें कारखाने से गहरा सफेद धुआं उठते देखा जा सकता है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि विस्फोट के बाद कारखाने में मची चीख-पुकार के बीच कुछ लोग घायलों को उपचार के लिए ले जा रहे हैं।

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