दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र खत्म, 13 घंटे से ज्यादा चला कामकाज और पास हुए 4 विधेयक
दिल्ली विधानसभा में 13 घंटे कामकाज हुआ, मानसून सत्र के दौरान चार विधेयक पारित : विधानसभा अध्यक्ष
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज बताया कि दिल्ली विधानसभा के तीन दिन के मानसून सत्र में 13 घंटे से अधिक समय तक कामकाज हुआ और इस दौरान चार विधेयक पारित किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों के ''गैर-जिम्मेदाराना रवैये'' की भी आलोचना की। विधानसभा का मानसून सत्र सात अगस्त को शुरू हुआ था और मंगलवार को खत्म हुआ।
गुप्ता ने कहा कि सदन में कुल 13 घंटे 19 मिनट तक कामकाज हुआ। इस दौरान नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की दो रिपोर्ट सदन में पेश की गईं और नियम 280 के तहत जनहित से जुड़े 52 मुद्दे उठाए गए। उन्होंने सदन में आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी की गैर-मौजूदगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि वह (नेता प्रतिपक्ष) पूरे सत्र के दौरान अनुपस्थित रहीं।
उन्होंने कहा कि मतभेद और असहमति होती रहती है, लेकिन सत्र में शामिल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ''ऐसा लगता है कि 'आप' नेतृत्वविहीन हो गई है। मैंने विपक्षी दल के सदस्यों से यह भी कहा था कि आतिशी की गैर-मौजूदगी में वे अपने ही किसी अन्य सदस्य को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाने के लिए नामित कर दें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।''
विधानसभा ने जनता के हितों से जुड़े चार विधेयक पारित किए, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने चर्चा के दौरान अपनी राय नहीं रखी। उन्होंने दावा किया कि विधेयकों पर चर्चा में विपक्ष की भागीदारी नहीं के बराबर थी। गुप्ता ने आरोप लगाया, ''विपक्ष ने सदन को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कई बार सदन के अंदर और बाहर अनुशासनहीनता दिखाई।

