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Money Laundering Case : सुकेश-जैकलीन केस में बड़ा मोड़, अदालत ने आरोप तय करने का दिया आदेश

सभी आरोपियों को 3 जून को औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए तलब किया

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Money Laundering Case : दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों के खिलाफ 200 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कहा कि "प्रथम दृष्टया, रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिसके आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा होता है"।

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इन व्यक्तियों पर धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत (धन शोधन के) अपराध का आरोप लगाया जाना चाहिए, जो पीएमएलए की धारा 4 के तहत दंडनीय है। सभी आरोपियों को तीन जून को औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए तलब किया गया है, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच के सिलसिले में कई बार तलब की गई जैकलीन को एजेंसी द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र में पहली बार आरोपी के रूप में नामित किया गया था।

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ईडी ने जैकलीन के खिलाफ अपनी दूसरी पूरक शिकायत में आरोप लगाया कि वह सुकेश के साथ लगातार संपर्क में थी और पिंकी ईरानी के माध्यम से उससे मूल्यवान उपहार प्राप्त करती थी। इस महीने की शुरुआत में, अदालत ने जैकलीन को 16 अप्रैल को दायर उनकी याचिका वापस लेने की अनुमति दी थी, जिसमें उन्होंने मामले में सरकारी गवाह बनने का अनुरोध किया था। ईडी ने जैकलीन की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी (सुकेश) के आपराधिक इतिहास को जानते हुए भी वह उसके संपर्क में रहीं।

अभिनेत्री की याचिका के जवाब में केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि संचार के विभिन्न माध्यमों से निरंतर बातचीत और लाभ प्राप्त करने से जैकलीन द्वारा दावा किए गए "अनजान पीड़ित" होने के किसी भी दावे का खंडन होता है, और इसके बजाय मुख्य अपराधी के साथ उसके सचेत जुड़ाव को उजागर करता है। एजेंसी के अनुसार, अभिनेत्री ने अपराध से प्राप्त धन का उपयोग स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के लिए किया और उसका आनंद लिया, जिससे धन के स्रोत के प्रति उनकी जानबूझकर की गई उपेक्षा स्पष्ट होती है, जबकि वे सक्रिय रूप से धन शोधन प्रक्रिया में शामिल थीं।

एजेंसी ने कहा था कि उनका खुद को पीड़ित बताना स्वार्थपूर्ण है और उपलब्ध साक्ष्यों के विपरीत है। सुकेश को 2017 में दिल्ली पुलिस और 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर जेल के अंदर से एक संगठित आपराधिक गिरोह चला रहा था और प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारियों सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी कर रहा था।

आरोपियों में सुकेश चंद्रशेखर के अलावा उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल उर्फ ​​लीना पॉलोज, जैकलीन फर्नांडीज, दीपक रमनानी, प्रदीप रमदानी, बी. मोहनराज, अरुण मुथु, डी. कमलेश कोठारी और पिंकी ईरानी शामिल हैं। अन्य आरोपियों में पूजा सिंह, धर्म सिंह मीणा, महेंद्र प्रसाद सुंद्रियाल, सुंदर बोरा, कोमल पोद्दार, जितेंद्र नरूला, अविनाश कुमार और जय प्रकाश सिंघल शामिल थे। आरोप है कि फर्जी कॉल, एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन और मनगढ़ंत पहचान का उपयोग करके शिकायतकर्ता अदिति सिंह और उनके परिवार के सदस्यों को भारी मात्रा में धनराशि देने के लिए प्रेरित किया गया।

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