मिशन निदेशक ने नहीं की वार्ता, हरियाणा में महिला MPHW कर्मचारियों में बढ़ी नाराजगी
Demands of Women MPHWs: एसोसिएशन के सैकड़ों पदाधिकारी 2 फरवरी को करेंगे उपवास व रोष प्रदर्शन
Demands of Women MPHWs: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की लंबित मांगों पर कई दौर से उठ रही आवाज अब और तेज हो गई है। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने आरोप लगाया है कि मिशन निदेशक ने लिखित निमंत्रण भेजने के बावजूद वार्ता के लिए स्वयं उपस्थित नहीं हुईं और व्यस्तता का हवाला देते हुए डायरेक्टर एडमिन के साथ औपचारिक बैठक करवाने की कोशिश की।
एसोसिएशन ने इस वार्ता को अपूर्ण व अस्वीकार्य बताते हुए ठुकरा दिया। एसोसिएशन की राज्य प्रधान शर्मिला देवी, महासचिव सहदेव आर्य और उप प्रधान सुदेश रानी ने जारी बयान में कहा कि 29 जनवरी को राज्य पदाधिकारियों द्वारा किए जाने वाले उपवास व रोष प्रदर्शन को मिशन निदेशक से वार्ता के लिखित आश्वासन पर टाल दिया गया था। लेकिन वार्ता न होने से प्रदेश की आठ हजार महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है।
इसी के चलते एसोसिएशन ने उपवास कार्यक्रम को अब 2 फरवरी (सोमवार) के लिए निर्धारित कर दिया है। इस दिन एसोसिएशन के सैकड़ों राज्य पदाधिकारी मिशन निदेशक कार्यालय के बाहर उपवास कर विरोध दर्ज कराएंगे। राज्य प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने बताया कि महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी कई वर्षों से मूलभूत मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। इनमें मूल वेतनमान एफपीएल-6 लागू करना, यूनिफॉर्म भत्ता, एमसीएच अलाउंस और ट्रेवलिंग अलाउंस का लाभ, सेवानिवृत्ति लाभ आदि मांगें प्रमुख हैं।
ढुलमुल रवैया अपनाया तो तेज होगा आंदोलन
एसोसिएशन महासचिव सहदेव आर्य ने कहा कि मिशन निदेशक कार्यालय द्वारा यदि इसी प्रकार का रवैया जारी रहा, तो विरोध को तीव्र किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा से जनसाधारण को होने वाली परेशानी की ज़िम्मेदारी पूरी तरह विभाग की होगी। बहरहाल, वार्ता टलने से महिला एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है। 2 फरवरी के उपवास प्रदर्शन को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में हलचल तेज हो गई है। अब नज़रें इस बात पर हैं कि क्या मिशन निदेशक सर्वसम्मति से समाधान निकालने के लिए आगे आएंगी या आंदोलन और उग्र होगा।

