सीएसईएएम मामले में Meta की बढ़ी मुश्किलें, NCPCR के सामने फिर हुई पेशी
बैठक में क्या हुआ इस बारे में मीडिया के बार-बार पूछे गए सवालों का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया
सोशल मीडिया मंच पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री वाले विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में मेटा इंडिया के बड़े अधिकारी बुधवार को एक हफ्ते में दूसरी बार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सामने पेश हुए।
बाल अधिकार आयोग के सामने पेश होने वालों में मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास भी शामिल थे। बैठक में क्या हुआ इस बारे में मीडिया के बार-बार पूछे गए सवालों का उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एनसीपीसीआर ने बेंगलुरु में कंपनी द्वारा चलाए जा रहे एक पालना-घर में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी कैपजेमिनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी अलग से तलब किया।
9 सितंबर को, एनसीपीसीआर ने मंच पर सीएसईएएम से जुडे कथित विज्ञापनों की जांच के सिलसिले में मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रमुख को तलब किया था। बाल अधिकार संस्था ने कथित विज्ञापनों पर 'बीबीसी आई' की एक रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया और मेटा से स्पष्टीकरण मांगा। फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सीधे 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (आई4सी) द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराध पोर्टल पर करने के लिए पहले ही सहमत हो गई है।
सरकार ऑनलाइन बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और अन्य हानिकारक सामग्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। सोशल मीडिया मंच से बेहतर सुरक्षा उपाय और ज्यादा जवाबदेही की मांग कर रही है। मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा था कि कंपनी के लिए अपने मंच पर बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। हम सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इन अपराधों को अंजाम देने वालों को जवाबदेह ठहराया जाए।
इस नुकसान से निपटने के लिए अपनी कोशिशों को मिलकर मजबूत करने के मकसद से, मेटा अब बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सीधे आई4सी द्वारा संचालित साइबर अपराध पोर्टल पर करेगा। अमेरिका में मुख्यालय वाली मेटा पहली बड़ी प्रौद्योगिकी मध्यस्थ कंपनी है जिसने भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सीधे मामलों की जानकारी देने की व्यवस्था बनाने का वादा किया है।

