आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे नाभा जेल से रिहा किया गया। अपनी पार्टी के अलावा कांग्रेस और भाजपा नेताओं को भी धन्यवाद देते हुए मजीठिया ने कहा कि वह झुकेंगे नहीं और राज्य के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
करीब सात महीने बाद जेल से बाहर आये मजीठिया ने स्वागत के लिए पहुंचे समर्थकों के सामने मूंछाें को ताव देते हुए कहा, ‘टाइगर अभी जिंदा है।’ मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने तो जेल में तरी वाले बैंगन खाकर दिन बिता लिए, पर तेरा क्या होगा सांबा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मजीठिया न रुकेगा, न झुकेगा।’
मजीठिया ने दावा किया कि उन्हें खत्म करने के लिए जानबूझकर हालात बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से दखल देने और यूपीएससी को पंजाब के एडहॉक डीजीपी को तुरंत हटाने का निर्देश देने की अपील करेंगे।
मजीठिया ने यह भी कहा कि जेल में उन्हें अपने परिवार वालों और यहां तक कि वकीलों से भी मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, ‘यह सब मुझे मानसिक रूप से तोड़ने के लिए किया गया और मेरे मानवाधिकारों का भी उल्लंघन किया गया।’
इससे पहले, मजीठिया के वकील दमनबीर सोबती ने कहा कि पंजाब सरकार ने कोर्ट में ऐसी शर्तें लगाने की अपील की थी, जिससे मजीठिया के राज्य में प्रवेश पर रोक लग सके। हालांकि, कोर्ट ने यह अपील खारिज कर दी, जिससे बिना किसी रोक के उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
डेरा ब्यास प्रमुख और कांग्रेस-भाजपा नेताओं का जताया आभार : मजीठिया ने राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि बाबा जी ने उन पर प्यार और स्नेह बरसाया। उन्हाेंने कहा कि अन्य महापुरुषों का भी आभारी हूं, जिन्होंने मुश्किल समय में आशीर्वाद दिया। अकाली नेता ने सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, सुखपाल सिंह खैरा, कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़, प्रताप सिंह बाजवा, भरत भूषण आशू और तरुण चुघ सहित विभिन्न पार्टियों के नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वे उनके साथ खड़े रहे।

