LPU में हिंसा के एक दिन बाद पसरा सन्नाटा, भारी पुलिस बल तैनात; 40 हजार में आधे से ज्यादा छात्र लौटे घर
करीब 21 घंटे बाद आधी रात को बहाल हुआ नेशनल हाईवे-44 पर यातायात; 10 दिन के लिए कैंपस बंद, मिड-टर्म परीक्षाएं स्थगित
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन और आगजनी के एक दिन बाद सोमवार को कैंपस में तनावपूर्ण शांति नजर आई। विश्वविद्यालय परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। रविवार को छात्रों के प्रदर्शन के कारण करीब 21 घंटे तक बाधित रहा नेशनल हाईवे-44 पर आधी रात के बाद यातायात बहाल कर दिया गया।
हिंसा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नुकसान का जायजा लेने और सफाई का काम शुरू कर दिया है। कैंपस के बाहर फ्लाईओवर पर आग के हवाले किए गए पुलिस वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की मदद ली गई। विश्वविद्यालय परिसर में क्षतिग्रस्त संपत्ति को भी साफ कराया जा रहा है।
विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ नकाबपोश बाहरी लोग भी परिसर में देखे गए थे। अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों के पास कथित तौर पर वॉकी-टॉकी भी थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आधे से ज्यादा छात्र कैंपस छोड़ चुके
LPU में करीब 40 हजार छात्र पढ़ते हैं। सोमवार सुबह तक इनमें से आधे से अधिक छात्र ट्रेन, बस और कैब के जरिए अपने घरों के लिए रवाना हो चुके थे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेने विश्वविद्यालय पहुंचे।
छात्रों की यह वापसी विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस को 10 दिनों के लिए बंद रखने के फैसले के बाद शुरू हुई। एक अक्टूबर से प्रस्तावित मिड-टर्म परीक्षाएं भी फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं।
इंटरनेट बंद होने से छात्रों को परेशानी
विश्वविद्यालय परिसर में रविवार आधी रात से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। इंटरनेट बंद होने से जहां सोशल मीडिया के जरिए वीडियो साझा करने और छात्रों के ऑनलाइन समन्वय पर असर पड़ा, वहीं छात्रों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
छात्रों ने बताया कि वे UPI के जरिए भुगतान नहीं कर पा रहे हैं और ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल भी एक्सेस नहीं कर पा रहे। जम्मू के एक छात्र ने बताया कि कैंपस में छात्र आमतौर पर नकदी नहीं रखते। उसके अनुसार, परिसर में मौजूद एटीएम भी क्षतिग्रस्त हो गया है।
हालांकि, छात्रों ने बताया कि सोमवार सुबह कैंटीन सामान्य रूप से चल रही थीं और भोजन मिलने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।
DGP गौरव यादव ने कैंपस का लिया जायजा
हिंसा के बाद कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोमवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उनके साथ स्पेशल डीजीपी परवीन सिन्हा और जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला भी मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने DGP को रविवार को हुई घटनाओं और उसके बाद की स्थिति के बारे में जानकारी दी। विश्वविद्यालय के विभिन्न हिस्सों में पुलिस बैरिकेडिंग जारी रही और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई।
रविवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के बाद प्रशासन की प्राथमिकता अब कैंपस में सामान्य स्थिति बहाल करने और छात्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की है।

