LPG e-KYC : 33 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, केंद्र ने पीएनजी अपनाने की भी दी सलाह
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के लिए आधार प्रमाणीकरण जरूरी; पीएनजी कनेक्शन पर मिल रहे आकर्षक ऑफर
LPG e-KYC : केंद्र सरकार ने सोमवार को देश के सभी 33 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं से अपना बायोमेट्रिक आधार-आधारित प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) पूरा करने को कहा है। सरकार ने एलपीजी की वर्तमान स्थिति को "चिंताजनक लेकिन नियंत्रण में" बताया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर बताया कि सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार प्रमाणीकरण आवश्यक है। उपभोक्ता अब अपनी तेल विपणन कंपनी (OMC) के मोबाइल एप और 'आधार फेसआरडी' (Aadhaar FaceRD) एप का उपयोग करके घर बैठे ही अपना सत्यापन कर सकते हैं। सरकार के इस कदम पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10.56 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को रसोई गैस सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए वार्षिक आधार प्रमाणीकरण कराना आवश्यक है। इस योजना के तहत, आठवें और नौवें रिफिल पर 300 रुपये की सब्सिडी प्राप्त करने के लिए हर वित्तीय वर्ष में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जरूरी है। यदि ई-केवाईसी पूरी नहीं की जाती है, तो सातवें रिफिल तक सब्सिडी जारी रहती है, लेकिन उसके बाद रुक जाती है। आधार प्रमाणीकरण होने के बाद ही इसे फिर से शुरू किया जाएगा।
पीएनजी अपनाने पर जोर, मिल रहे विशेष ऑफर
सरकार एलपीजी से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की ओर शिफ्ट होने के लिए भी लगातार प्रोत्साहित कर रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य एलपीजी आपूर्ति पर दबाव कम करना है। उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत घरेलू एलपीजी बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही है, जो एक अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा, "वर्तमान स्थिति चिंताजनक है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं की सभी जरूरतें पूरी की जा रही हैं। किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस खत्म होने (ड्राई-आउट) की कोई रिपोर्ट नहीं है।"
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी और पीएनजी विक्रेता कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन लेने और उसका उपयोग शुरू करने पर 500 रुपये की मुफ्त गैस दे रही है। इसी तरह, मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क माफ कर दिया है और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए 1 से 5 लाख रुपये तक की सुरक्षा जमा राशि में छूट दी है। गेल (GAIL) और बीपीसीएल (BPCL) ने भी ऐसे कई प्रमोशनल कदम उठाए हैं।
बुकिंग में आई कमी और आपूर्ति की स्थिति
सरकार के अनुसार, रविवार को दैनिक एलपीजी रिफिल अनुरोध और बुकिंग गिरकर 50-55 लाख के पूर्व-युद्ध स्तर पर आ गई। एक दिन पहले यह 77 लाख और 13 मार्च को 88.8 लाख थी। शर्मा ने कहा कि हालांकि यह देखना बाकी है कि यह स्थायी रुझान है या 15 मार्च को रविवार होने के कारण महज एक बार की गिरावट है।
उपभोक्ता ई-मेल, ग्राहक पोर्टल, पत्र या कॉल सेंटर के जरिए शहर गैस वितरण कंपनियों से संपर्क कर वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन में भी स्विच कर सकते हैं। शर्मा ने बताया कि जहां पाइपलाइन पहले से मौजूद हैं, वहां कम से कम समय में कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने गैस वितरण संस्थाओं को नेटवर्क विस्तार में तेजी लाने और कनेक्शन देने की समय-सीमा कम करने को कहा है।
केंद्र ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कुल उपलब्धता स्थिर है। कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है और रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 100 प्रतिशत उपलब्धता के साथ सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध रूप से जारी है। वहीं, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति लगभग 80 प्रतिशत पर विनियमित (रेगुलेट) की जा रही है।
ऑनलाइन बुकिंग में उछाल
एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग 84 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत हो गई है। सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' सिस्टम का दायरा संकट से पहले के 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 72 प्रतिशत कर दिया गया है।
राज्यों की सख्त कार्रवाई
बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मणिपुर और महाराष्ट्र ने केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन को विनियमित करने के आदेश जारी किए हैं। राज्यों ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम और मिजोरम में छापेमारी की गई है। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों ने देश भर में 1,100 से अधिक पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों का औचक निरीक्षण भी किया है।

