Opposition MPs Suspension Revoked : लोकसभा में गरिमा बनाए रखने के वादे पर 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन वापस
लोकसभा सचिवालय ने बुलेटिन जारी कर संसद में तख्तियां और हथियार लाने पर लगाई रोक
Opposition MPs Suspension Revoked : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन वापस ले लिया जाएगा। सभी दलों के नेताओं ने सदन की कार्यवाही की गरिमा बनाए रखने का वादा किया है। निलंबित होने वालों में अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला और लुधियाना से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी शामिल हैं।
सात कांग्रेस सांसदों जिनमें औजला, वड़िंग, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, मणिकम टैगोर, प्रशांत यादोराव पडोले और चामला किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं, के साथ सीपीएम के एस. वेंकटेशन को 3 फरवरी को दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। यह कार्रवाई 2 अप्रैल को समाप्त होने वाले बजट सत्र की शेष अवधि के लिए की गई थी।
अब 17 दिन बाद मंगलवार को ये सांसद सदन में लौटेंगे। यह निलंबन विपक्ष के उस हंगामे के बाद हुआ था जब स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देने से रोक दिया था। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू निलंबन प्रस्ताव लाए जिसे लोकसभा ने पारित कर दिया था।
वेल में नहीं जाएंगे सदस्य
लोकसभा सचिवालय ने आज एक बुलेटिन जारी कर सांसदों को संसद भवन परिसर के भीतर आचार संहिता का पालन करने की याद दिलाई है। सूत्रों के अनुसार स्पीकर की बैठक के दौरान नेताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि कोई भी सदस्य वेल (आसन के समीप) में नहीं जाएगा, पर्चे फाड़कर आसन की तरफ नहीं उछालेगा और सदन के अंदर अधिकारियों की टेबल पर नहीं चढ़ेगा। दोनों पक्षों ने स्थापित परंपराओं का पालन करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने का भरोसा दिया है।
हथियार व तख्तियां लाने पर पाबंदी
बुलेटिन में उन पुराने निर्देशों को भी दोहराया गया है जिनमें सांसदों को संसद में हथियार, बैनर, तख्तियां, लाठी, भाले, तलवार, डंडे और ईंट-पत्थर लाने से रोका गया है। सदस्यों को बार-बार सलाह दी गई है कि वे अंदर पोस्टर या बैनर न लाएं। सचिवालय ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में अपमानजनक प्रकृति के एआई (AI) द्वारा बनाए गए चित्र और नारे भी प्रदर्शित किए गए हैं। सांसदों को अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।

