Lok Sabha News: प्रधानमंत्री के बिना जवाब के पारित हुआ धन्यवाद प्रस्ताव, विपक्ष ने किया विरोध
Lok Sabha News: लोकसभा ने गुरुवार को विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परंपरागत जवाब के बिना ही पारित कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव में विपक्ष...
Lok Sabha News: लोकसभा ने गुरुवार को विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परंपरागत जवाब के बिना ही पारित कर दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव में विपक्ष द्वारा पेश किए गए संशोधनों को मतदान के लिए रखा, जिन्हें सदन ने खारिज कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने 28 जनवरी को संसद के दोनों सदनों को दिए गए राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी के बीच ध्वनिमत (वॉयस वोट) से पारित कर दिया गया। विरोध-प्रदर्शन जारी रहने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 2 बजे कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद कार्यवाही एक बार फिर दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 3 बजे कार्यवाही फिर शुरू हुई, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद दिनभर के लिए लोकसभा स्थगित कर दी गई।
धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का प्रधानमंत्री द्वारा सदन में जवाब देने की परंपरा है, लेकिन गतिरोध की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब लोकसभा में नहीं हुआ और प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।
विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण एक बार के स्थगन के बाद बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कराए। उन्होंने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के सांसदों को बैनर नहीं दिखाने को कहा। शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में दिए गए अभिभाषण पर निचले सदन में लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा।
हंगामे के बीच ही सभा ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया। धन्यवाद प्रस्ताव के बाद दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सर्वानंद सोनोवाल ने सोमवार को रखा था और इसका अनुमोदन करते हुए भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने अपने विचार रखे थे।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के हवाले से चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन अध्यक्ष बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। इस मुद्दे पर सदन में पिछले चार दिन से गतिरोध की स्थिति बनी रही। मंगलवार को आसन के समीप हंगामे के दौरान कागज उछालकर आसन की ओर फेंकने के मामले में विपक्ष के आठ सदस्यों को निलंबित कर दिया गया।
बुधवार को चर्चा में तेलुगु देशम पार्टी के (तेदेपा) के सांसद जीएम हरीश बालयोगी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हिस्सा लिया। दुबे ने कुछ किताबों का जिक्र करते हुए नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा और कई तरह के आरोप लगाए। आसन ने दुबे को नियम का हवाला देते हुए किसी किताब को दिखाने या उसका उल्लेख करने की अनुमति नहीं दी। विपक्ष के सदस्यों ने दुबे के आरोपों पर जोरदार हंगामा किया।

