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'मंत्री हो या संतरी सब एक समान, कानून करेगा अपना काम', पूर्व मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर बोले CM भगवंत मान

Gagandeep Singh Randhawa Suicide Case : भ्रष्टाचार और प्रताड़ना पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत मुख्य सचिव को सौंपी गई निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी, विपक्ष की सीबीआई जांच की मांग खारिज

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मुख्यमंत्री भगवंत मान। -फाइल फोटो
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Gagandeep Singh Randhawa Suicide Case :  पंजाब वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में पंजाब पुलिस ने सोमवार (23 मार्च 2026) को पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर दुख जताते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और प्रताड़ना पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और राज्य में किसी भी अधिकारी के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

'निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए लिया इस्तीफा'

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम भगवंत मान ने गगनदीप सिंह रंधावा की मौत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अपना पक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने कहा, "जिला मैनेजर की आत्महत्या का मामला मेरे संज्ञान में आया है। आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारण जांच का विषय हैं।" जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए मान ने बताया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ही उन्होंने जांच शुरू होने से पहले मंत्री से इस्तीफा ले लिया था, ताकि कोई भी पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित न कर सके या किसी पर दबाव न डाल सके।

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'किसी को इतना मजबूर न करें कि वह जान दे दे'

सीएम मान ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसा कोई भी काम जिससे किसी की जान जाए, उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमने इस उद्देश्य के लिए राजनीति में प्रवेश नहीं किया या पार्टियां नहीं बनाईं। किसी भी अधिकारी को इतना प्रताड़ित या मजबूर नहीं किया जाना चाहिए कि वह हार मानकर अपनी जान दे दे।"

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इस मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी पंजाब के मुख्य सचिव (केएपी सिन्हा) को सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सीएम ने विपक्ष की सीबीआई जांच की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 'पंजाब सरकार और हमारी पुलिस इस मामले की जांच के लिए पूरी तरह सक्षम है।'

24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद हुई कार्रवाई

ज्ञात हो कि डीएम गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार (21 मार्च) को कथित तौर पर पूर्व मंत्री भुल्लर के दबाव और प्रताड़ना से तंग आकर जहर (सल्फास) खा लिया था। मौत से पहले रंधावा ने 12 सेकंड का एक वीडियो जारी कर भुल्लर पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद मृतक की पत्नी उपिंदर कौर और परिजनों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि जब तक भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव का न तो पोस्टमार्टम कराएंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे। परिजनों का दबाव बढ़ता देख पुलिस ने सोमवार को भुल्लर को गिरफ्तार कर अमृतसर स्थित सीआईए स्टाफ पहुंचा दिया।

टेंडर को लेकर बनाया जा रहा था दबाव

मृतक की पत्नी की शिकायत पर अमृतसर के रंजीत एवेन्यू थाने में लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और निजी सहायक (पीए) दिलबाग सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) के तहत दर्ज की गई है। आरोप है कि भुल्लर और उनके साथी डीएम रंधावा पर एक वेयरहाउस का टेंडर अपने पिता सुखदेव सिंह के नाम पर जारी करने का भारी दबाव बना रहे थे। बात न मानने पर उन्हें व परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं।

लोकसभा में गूंजा मुद्दा, सीबीआई जांच की उठी मांग

यह मामला सोमवार को लोकसभा में भी गूंजा। पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने संसद में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया कि यदि पंजाब के सभी सांसद संयुक्त रूप से लिखित में मांग करें, तो वे तुरंत मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे देंगे। दूसरी ओर, अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले लालजीत भुल्लर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि वे पुलिस से भागे नहीं हैं, बल्कि खुद सरेंडर कर रहे हैं क्योंकि उन्हें देश के कानून पर पूरा भरोसा है।

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