कोटक बैंक घोटाला: ईडी ने 131.13 करोड़ की संपत्ति कुर्क की, 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
एमसी पंचकूला के 107.24 करोड़ रुपये के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एमसी) पंचकूला के चर्चित कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने 29 जुलाई को 131.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) कर दी हैं। साथ ही 30 जुलाई को नौ आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की विशेष अदालत में चार्जशीट (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल कर दी गई है। ईडी के अनुसार यह कार्रवाई एमसी पंचकूला के 107.24 करोड़ रुपये के गबन से जुड़े मामले में की गई है और एफआईआर दर्ज होने के चार महीने के भीतर गबन की पूरी राशि और उससे अर्जित लाभ से जुड़ी संपत्तियों को अटैच कर लिया गया है।
ईडी के मुताबिक जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), पंचकूला की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। जांच में सामने आया कि कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने एमसी पंचकूला के तत्कालीन अधिकारी विकास कौशिक और बैंक कर्मचारी दिलीप राघव समेत अन्य लोगों की कथित मिलीभगत से एमसी पंचकूला के नाम पर दो अनधिकृत बैंक खाते खुलवाए। इसके लिए फर्जी दस्तावेज और प्राधिकरण पत्र तैयार किए गए तथा निगम के वास्तविक खातों से राशि इन खातों में ट्रांसफर कर दी गई। जांच में बैंक कर्मचारी सतीश कुमार की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
कई खातों और कंपनियों के जरिए की गई लेयरिंग
जांच एजेंसी के अनुसार फर्जी खातों में पहुंची रकम को रजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार, विनोद कुमार, सोनिया और कई कंपनियों के माध्यम से आगे ट्रांसफर कर उसकी लेयरिंग की गई। ईडी का दावा है कि इस धन का इस्तेमाल अचल संपत्तियां खरीदने, पोर्श केयेन, बीएमडब्ल्यू X7, 740Li, Z4, जीप रैंगलर, लैंड क्रूजर और हार्ले डेविडसन जैसी लग्जरी गाड़ियां खरीदने तथा कई व्यक्तियों और कंपनियों को 3 प्रतिशत मासिक (36 प्रतिशत वार्षिक) ब्याज पर असुरक्षित ऋण देने में किया गया।
पत्नी की फर्म के जरिए संपत्तियां खरीदने का आरोप
ईडी के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि पुष्पिंदर सिंह की पत्नी प्रीति ठाकुर की आय और उनकी कंपनी एम/एस चौधरी एंड सेठी लीगल एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड के कारोबार में कथित घोटाले की अवधि के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। एजेंसी का आरोप है कि इसी फर्म के माध्यम से कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई चल और अचल संपत्तियों का निपटान किया गया। बाद में कुछ संपत्तियां उनकी बहन गुनीता सेठी के नाम भी ट्रांसफर की गईं।
22 अप्रैल को हुई थी तलाशी, 1 जून को हुई गिरफ्तारी
ईडी ने 22 अप्रैल को पुष्पिंदर सिंह, रजत दहरा, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, सनत रियल्टर्स, सनी गर्ग और कपिल कुमार से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी, जहां से कई दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए। मामले के कथित मास्टरमाइंड पुष्पिंदर सिंह को 1 जून को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत, पंचकूला ने उन्हें नौ दिन की ईडी रिमांड पर भेजा था। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

