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Kedarnath Yatra : उत्तराखंड में मौसम का कहर; मूसलाधार बारिश से बढ़ी मुश्किलें, केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित

उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश, केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

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Kedarnath Yatra 2026 : उत्तराखंड में रविवार को भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। खराब मौसम के चलते केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जिससे सैकड़ों श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर फंस गए। मूसलाधार बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया। कई स्थानों पर मलबा जमा हो गया, जिसे प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने तत्काल हटाकर मार्गों को साफ कराया। रुद्रप्रयाग जिले के लिए जारी मौसम चेतावनी के बाद चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को श्रीनगर में बनाए गए सुरक्षित 'होल्डिंग' क्षेत्रों (ठहराव वाले स्थानों) में रोक दिया गया है।

श्रीनगर की सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नूपुर वर्मा ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर करीब 400 वाहनों को एनआईटी मैदान और आवास विकास मैदान में ठहराया गया। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। मौसम में सुधार होने पर, फंसे हुए वाहनों को चरणबद्ध तरीके से उनके गंतव्य की ओर बढ़ने की अनुमति दी गई। रात भर रुकने का विकल्प चुनने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पीने के पानी, भोजन और आवास की विशेष व्यवस्था की गई।

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रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने मौसम विभाग द्वारा जारी 'ऑरेंज' अलर्ट के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को तत्काल रोकने का निर्देश जारी किया और तीर्थयात्रियों को निकटतम सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अलर्ट में जिले में भारी बारिश, आंधी-तूफान और प्रतिकूल मौसम की आशंका जताई गई थी। रुद्रप्रयाग जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने कहा कि सोनप्रयाग और गौरीकुंड सहित भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि मौसम सामान्य होने तक कोई भी तीर्थयात्री आगे न बढ़े। उन्होंने बताया कि पुलिस बल और जिला आपदा मोचन बल (डीडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दल 'हाई अलर्ट' पर हैं।

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दिन में बाद में बारिश थमने और मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद केदारनाथ यात्रा पर लगाई गई अस्थायी पाबंदियां हटा ली गईं। विभिन्न ट्रांजिट पड़ावों से श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई, जिससे केदारनाथ यात्रा फिर से सुचारु रूप से शुरू हो गई। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे के बाद राज्य के कई क्षेत्रों में वर्षा दर्ज की गई। चंपावत में 31 मिमी, कालाढूंगी में 27.5 मिमी, गणाई गंगोली में 26 मिमी, पिथौरागढ़ में 13.7 मिमी और मसूरी में 5.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया, जिससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहा। देहरादून में रविवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 9 डिग्री और 5 डिग्री कम रहा। वहीं, पंतनगर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, मुक्तेश्वर में 14.8 डिग्री सेल्सियस और नयी टिहरी में 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शाम के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के 3,800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को हिमपात होने की संभावना है। वहीं, राज्य के कई अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। आईएमडी ने कहा कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात होने का अनुमान है। राज्य के शेष जिलों के कुछ स्थानों पर भी इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है।

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