Karnataka Leadership Row: नेतृत्व विवाद पर सुलह की कोशिश, ब्रेकफास्ट पर मिले CM सिद्धारमैया व डीके शिवकुमार
Karnataka Leadership Row: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर पिछले दो महीनों से चल रहे नेतृत्व विवाद को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच शनिवार सुबह ‘कावेरी’ आवास पर महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। दोनों नेताओं...
Karnataka Leadership Row: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर पिछले दो महीनों से चल रहे नेतृत्व विवाद को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच शनिवार सुबह ‘कावेरी’ आवास पर महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने नाश्ते पर बातचीत की, जिसे शिवकुमार ने “सार्थक” बताया है।
शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज सुबह कावेरी निवास पर माननीय मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से नाश्ते पर मुलाकात की। कर्नाटक की प्राथमिकताओं और आगे की राह पर एक सार्थक चर्चा हुई।”
यह बैठक कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर आयोजित की गई। हाईकमान ने दोनों नेताओं से आपसी मतभेद दूर कर पार्टी और सरकार की स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा था।
सिद्धारमैया बोले—“गलतफहमियां मीडिया ने बढ़ाईं”
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नेतृत्व विवाद पर कहा कि हाल के दिनों में कुछ गलतफहमियां “अनावश्यक रूप से” पैदा हो गई थीं और मीडिया ने इनको बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान के आदेशों और निर्देशों का पालन करने का निर्णय लिया है।
नेतृत्व विवाद की पृष्ठभूमि
कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर तनाव उस समय बढ़ा जब सरकार ने 20 नवंबर को ढाई साल पूरे किए। सिद्धारमैया का दावा है कि उन्हें पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल के लिए जनादेश मिला है, जबकि शिवकुमार का कहना है कि 2023 में सरकार गठन के समय उन्हें ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया था।
हाईकमान को करना पड़ा हस्तक्षेप
शुक्रवार को हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद सिद्धारमैया ने डिप्टी सीएम को नाश्ते पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया। बैठक से पहले शिवकुमार ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार किया था और कहा था कि वे चर्चा के बाद ही बोलेंगे। सीएमओ के मुताबिक, नाश्ते में इडली, वड़ा, सांभर, चटनी और उप्पिट्टू (उपमा) परोसा गया।
कर्नाटक कांग्रेस में चल रहा यह नेतृत्व विवाद पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका था। ऐसे में आज की बैठक को दोनों नेताओं के बीच तनाव कम करने और सरकार को स्थिरता की दिशा में ले जाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

