Viral Video Case : आपत्तिजनक वायरल वीडियो के बाद कर्नाटक डीजीपी के. रामचंद्रन राव निलंबित, सरकार ने माना प्रथम दृष्टया गंभीर उल्लंघन
Viral Video Case : कर्नाटक सरकार ने नागरिक अधिकार प्रवर्तन प्रभाग के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के. रामचंद्रन राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह फैसला सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रसारित उन कथित वीडियो के बाद...
Viral Video Case : कर्नाटक सरकार ने नागरिक अधिकार प्रवर्तन प्रभाग के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के. रामचंद्रन राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह फैसला सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रसारित उन कथित वीडियो के बाद लिया गया है, जिनमें उन्हें अपने कार्यालय में एक महिला के साथ अनुचित और अशोभनीय आचरण करते हुए दिखाया गया है।
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि संबंधित वीडियो और उनसे जुड़ी खबरें सार्वजनिक मंचों पर व्यापक रूप से प्रसारित हुईं, जिससे सरकार और पुलिस विभाग की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
सरकारी आदेश में क्या कहा
सरकार के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहा आचरण ‘अश्लील प्रकृति’ का है और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से अपेक्षित मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस घटनाक्रम से राज्य सरकार को सार्वजनिक रूप से असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर राज्य सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि राव का आचरण अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियम, 1968 के नियम 3 का उल्लंघन है। इसी के तहत उन्हें अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के प्रावधानों के अनुसार निलंबित किया गया है और मामले की औपचारिक जांच लंबित रहेगी।
निलंबन अवधि के दौरान शर्तें
निलंबन अवधि में राव को नियमानुसार निर्वाह भत्ता मिलेगा
वह राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे
वीडियो में क्या दावा
सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो में राव को अपने आधिकारिक कक्ष में एक महिला के साथ अंतरंग व्यवहार करते हुए दिखाया गया है।
एक वीडियो में वह वर्दी में बैठे हुए महिला को चूमते नजर आते हैं
दूसरे क्लिप में ऐसा ही आचरण भारतीय ध्वज और पुलिस विभाग के प्रतीक के सामने दिखाया गया है
वीडियो में महिला का चेहरा धुंधला किया गया है और इन्हें संगीत व कैप्शन के साथ प्रसारित किया गया
इस मामले में डीजीपी के. रामचंद्रन राव ने वीडियो को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘मनगढ़ंत और झूठा’ बताया है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि यदि जांच में अधिकारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं राव द्वारा गृह मंत्री जी. परमेश्वर के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास भी प्रभावी नहीं हो सका। बता दें कि राव, हर्षवर्धिनी रान्या उर्फ रान्या राव के सौतेले पिता हैं, जिन्हें हाल ही में सोना तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद हैं।

