Kanpur Hospital Incident : मां का कटा हाथ लेकर कल पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचा था आईटीबीपी जवान, डिप्टी सीएम ने दिए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश
40 जवानों के साथ न्याय मांगने पहुंचे सिपाही के मामले में आईटीबीपी और पुलिस ने घेराव की बात नकारी, पुलिस कमिश्नर ने बनाई नई संयुक्त जांच समिति
Kanpur Hospital Incident : कानपुर के एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले ने तूल पकड लिया है। पुलिस की निष्क्रियता और अस्पताल को क्लीन चिट मिलने से नाराज आईटीबीपी के 40 जवानों के साथ सिपाही कल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा था। इस भारी विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
#कानपुर:ITBP के जवान की मां का हाथ काटने का मामला,टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल की लापरवाही,हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने दी क्लीन चिट,नाराज आईटीबीपी के सैकड़ों जवान पहुंचे कमिश्नरेट,ITBP के अधिकारी मौजूद,पुलिस कमिश्नर से बातचीत.@ITBP_official @kanpurnagarpol #Kanpur pic.twitter.com/TKcWo29TxW
— Axis Metro News (@Axismetromedia) May 23, 2026
घेराव की बात नकारी, कहा- अपनी बात रखने गए थे जवान
सिपाही विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में लेकर कल सीधे पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचे थे। जब पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में अस्पताल को क्लीन चिट दे दी गई, तो आईटीबीपी के 40 जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। हालांकि, आईटीबीपी अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर ने घेराव की बात को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवान घेराव करने नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने गए थे। इसके बाद कमिश्नर ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए नई संयुक्त जांच समिति बनाने की जानकारी दी है।
हर हाल में मिलेगा न्याय: ब्रजेश पाठक
घटना के तूल पकडने पर लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि शासन ने पूरे घटनाक्रम और जवानों के विरोध का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक और संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट जल्द पेश करने को कहा गया है। पाठक ने आश्वासन दिया कि सरकार पीडित परिवार के साथ पूरी तरह से खडी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
गलत इंजेक्शन से संक्रमण फैलने का आरोप
महाराजपुर में तैनात आईटीबीपी की 32वीं बटालियन के सिपाही विकास सिंह का आरोप है कि उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को 13 मई को टाटमिल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दावा है कि वहां गलत इंजेक्शन लगाने से दाहिने हाथ में संक्रमण फैल गया। बाद में पारस अस्पताल में जान बचाने के लिए 17 मई को उनका हाथ काटना पडा। पीडित परिवार कई दिनों तक थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
