Kangra Valley Railway : चक्की पुल के पुनर्निर्माण के बाद कांगड़ा घाटी रेलवे सेवा बहाल, अनुराग ठाकुर और राजीव भारद्वाज ने दिखाई हरी झंडी
हेरिटेज ट्रैक पर लौटी रौनक : अगस्त 2022 की बाढ़ में ढह गया था चक्की रेलवे पुल, लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से दोबारा हुआ तैयार; पर्यटन और स्थानीय लोगों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
Kangra Valley Railway : करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी रेलवे पर रेल सेवाएं फिर से शुरू हो गईं। पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरो-गेज लाइन पर स्थित चक्की रेलवे पुल के अगस्त 2022 की बाढ़ में ढह जाने के बाद से इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद था। नए पुल के निर्माण के बाद हमीरपुर के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कांगड़ा रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए कांगड़ा के विधायक पवन काजल, नूरपुर के विधायक रणबीर सिंह निक्का, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) विवेक कुमार सहित कई रेलवे अधिकारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कांगड़ा और मंडी जिलों के ग्रामीण इलाकों के हजारों लोगों के लिए यह नैरो-गेज रेलवे एक लाइफलाइन (जीवनरेखा) मानी जाती है। इसके दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और कांगड़ा घाटी के खूबसूरत पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा मिलेगा।
70 करोड़ की लागत से आधुनिक तकनीक से बना नया पुल
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि रेलवे सेवा की बहाली हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने याद दिलाया कि हिमाचल प्रदेश-पंजाब सीमा पर कंदवाल के पास अंतरराज्यीय चक्की रेलवे पुल के बहने से पूरा रेल मार्ग ठप हो गया था। उन्होंने इस मुद्दे को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया, जिसके बाद रेलवे ने लगभग 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग कर नए पुल का निर्माण किया है। इससे ट्रेन सेवाओं की बहाली का रास्ता साफ हुआ।
हिमाचल के रेल बजट में भारी बढ़ोतरी
अनुराग ठाकुर ने पहाड़ी राज्य में रेलवे के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष आभार जताया। उन्होंने निवेश पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में हिमाचल प्रदेश में रेलवे के विस्तार, आधुनिकीकरण, बिजलीकरण और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए 2,911 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में राज्य में 17,711 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, और अमृत स्टेशन योजना के तहत चार रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने भी इस बहाली को क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। चार साल बाद ट्रेन की सीटी गूंजने से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और पर्यटन कारोबारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

