Kangana Ranaut MPLADS Mandi Funds : ‘अब काम करके दिखाइए’: 11 करोड़ रुपये खर्च न होने पर अधिकारियों पर भड़कीं कंगना
मंडी में DISHA बैठक : सांसद ने कहा- आश्वासन नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए विकास ; लंबित परियोजनाओं की राशि वापस लेने पर विचार के निर्देश
Kangana Ranaut MPLADS Mandi Funds : मंडी लोकसभा क्षेत्र में सांसद निधि (MPLADS) के तहत जारी करीब 11 करोड़ रुपये की राशि का बड़ा हिस्सा खर्च न होने पर सांसद कंगना रनौत ने अधिकारियों को फटकार लगाई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठक में उन्होंने विकास कार्यों में देरी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन देने के बजाय विकास कार्य जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
कंगना ने कहा कि करीब दो साल पहले विकास कार्यों के लिए राशि जारी होने के बावजूद उसका पर्याप्त उपयोग नहीं हुआ। उनके अनुसार मार्च-अप्रैल तक पूरे लोकसभा क्षेत्र में एक करोड़ रुपये से भी कम राशि खर्च हुई थी। मंडी में करीब 5.5 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद केवल 50-60 लाख रुपये ही खर्च किए गए।
‘मुझे आपका पता नहीं चाहिए, अभी काम करके दिखाइए’
अधिकारियों की ओर से समस्याओं को भविष्य में सुलझाने के आश्वासन पर सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “I don't need your address, get the bloody job done now.” यानी उन्हें यह बताने के बजाय कि समस्या कहां है, अधिकारी तत्काल काम पूरा करने पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएं जमीन उपलब्ध न होने, जरूरी मंजूरियां नहीं मिलने और अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण अटकी हुई हैं। कुछ मामलों में जमीन या आवश्यक अनुमति उपलब्ध न होने के बावजूद धनराशि निकालने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
कंगना ने अधिकारियों को उन एजेंसियों को तलब करने के निर्देश दिए, जिन्होंने स्वीकृत कार्य शुरू नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि जो एजेंसियां परियोजनाओं को लागू नहीं कर रही हैं, उनकी राशि वापस लेने पर विचार किया जाए।
सार्वजनिक धन के इस्तेमाल और निगरानी पर सवाल
सांसद ने उन मामलों पर भी सवाल उठाए, जहां परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन संबंधित खातों में कुछ हजार रुपये की राशि अब भी बची हुई है। उन्होंने सार्वजनिक धन के उचित इस्तेमाल और विकास कार्यों की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
कंगना ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सांसद निधि की राशि खर्च ही नहीं होगी तो राष्ट्रीय मीडिया के सामने अधिकारियों के प्रदर्शन के बारे में क्या बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के काम का आकलन बैठकों में दिए गए आश्वासनों या भविष्य की योजनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन पर पूरे हुए काम के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को स्वीकृत विकास कार्यों में और देरी न करने तथा उन्हें जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

