Jhajjar Kidnapping : रातों-रात अमीर बनने की चाहत ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को बनाया किडनैपर; 5 करोड़ की फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण, साले संग गिरफ्तार
पदक विजेता के माथे पर लगा कलंक, गौशालाकर्मी ने जीजा संग मिलकर रची थी साजिश
Jhajjar Kidnapping : खेल के मैदान में देश का मान बढ़ाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के सिर पर जब रातों-रात अमीर बनने का भूत सवार हुआ, तो उसने अपराध का ऐसा रास्ता चुना जिसने सबको हैरान कर दिया। झज्जर जिले के गांव बारानी में होली के दिन हुए 9 वर्षीय बच्चे हुनरजीत के अपहरण मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ (STF) ने मुख्य आरोपी अंतरराष्ट्रीय पैरा जूडो खिलाड़ी मोनू और उसके साले मनीष को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बच्चे की रिहाई के बदले 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती वसूली थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि अपहरण की यह पूरी पटकथा करीब 20 दिन पहले लिखी गई थी। आरोपी मनीष, बच्चे के पिता की गौशाला में काम करता था। उसे परिवार की आर्थिक संपन्नता का पूरा अंदाजा था। मनीष ने अपने जीजा मोनू के साथ मिलकर हुनरजीत को उठाने का प्लान बनाया। मोनू एक नामी खिलाड़ी रहा है, जिसने वर्ल्ड पैरा जूडो गेम्स, पैरा कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीते हैं। लेकिन शॉर्टकट से पैसा कमाने की चाहत में उसने अपनी पहचान दांव पर लगा दी।
होली के जश्न के बीच स्कॉर्पियो से किया था अपहरण
वारदात 4 मार्च की है, जब पूरा गांव होली के जश्न में डूबा था। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर गांव बारानी पहुंचे और घर के बाहर खेल रहे 9 वर्षीय हुनरजीत को जबरन उठाकर ले गए। अपहरण के बाद परिजनों के पास 5 करोड़ रुपये की फिरौती का फोन आया। फिरौती की रकम वसूलने के बाद आरोपियों ने बच्चे को रोहतक के क्षेत्र में छोड़ दिया और फरार हो गए।
एसटीएफ ने किया खुलासा, दो आरोपी अब भी फरार
एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने दबिश देकर जीजा-साले (मोनू और मनीष) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों को झज्जर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर इनके फरार दो अन्य साथियों के ठिकानों और फिरौती की रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ करेगी।

