Jammu-Kashmir News : डल झील पर मंडराया खतरा, 2007-2020 में पानी का दायरा 10% घटा
कैग ने डल झील के पानी वाले क्षेत्र में 2007 से 2020 के बीच 10 प्रतिशत की कमी बताई
Jammu-Kashmir News : नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने मशहूर डल झील के जमीन के इस्तेमाल और पानी के क्षेत्र में स्थान और समय संबंधी बड़े बदलावों की ओर इशारा किया है।
उन्होंने बताया कि झील का पानी 2007 में 15.40 वर्ग किलोमीटर से घटकर 2020 में 12.91 वर्ग किलोमीटर रह गया है, जो 13 सालों में 10.15 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है। कैग ने जलमल शोधन संयंत्रों की प्रभावी कार्यप्रणाली और उन्नयन के लिए एक मजबूत झील प्रबंधन नीति की सिफारिश की है ताकि झील में आने वाले जलमल और ठोस कचरे का ठीक से शोधन हो सके।
रिपोर्ट में कहा गया है, ''आंकड़ों से पता चलता है कि 2007-2020 के दौरान, झील का क्षेत्र (जिसमें पानी के अंदर की वनस्पति और खुला जल क्षेत्र शामिल है) में 15.40 से घटकर 12.91 वर्ग किलोमीटर (10.15 प्रतिशत की कमी) रह गया। वहीं, ज़मीन के दूसरे इस्तेमाल जैसे तैरती हुई वनस्पति 5.262 से बढ़कर 6.796 वर्ग किलोमीटर (6.23 प्रतिशत), फ़सली ज़मीन और हरियाली 2.29 से बढ़कर 2.85 वर्ग किलोमीटर (2.27 प्रतिशत), और निर्मित ढांचों (बिल्ट-अप) में 0.743 से बढ़कर 1.025 वर्ग किलोमीटर (1.15 प्रतिशत) हो गए हैं।''
केंद्र शासित प्रदेश में झीलों के संरक्षण और प्रबंधन पर कैग की रिपोर्ट (31 मार्च, 2024 को खत्म हुए साल के लिए) में बताया गया है कि कुछ अधिग्रहित जमीन की ड्रेजिंग (गाद निकालने) की वजह से, वनस्पति वाली या बिना वनस्पति वाली खाली ज़मीन 0.40 वर्ग किलोमीटर से कम होकर 0.36 वर्ग किलोमीटर (0.17 प्रतिशत की कमी) रह गई।

