जम्मू-कश्मीर : भावी रणनीति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने की केंद्र शासित प्रदेश के 14 नेताओं के साथ बैठक

जम्मू-कश्मीर : भावी रणनीति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने की केंद्र शासित प्रदेश के 14 नेताओं के साथ बैठक

नयी दिल्ली, 24 जून (एजेंसी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में भविष्य की रणनीति का खाका तैयार करने के लिए बृहस्पतिवार को केंद्र शासित प्रदेश के 14 नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। राजधानी के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर जारी इस बैठक में पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर के चार पूर्व मुख्यमंत्री और चार पूर्व उपमुख्यमंत्री शामिल हुए। इन नेताओं में नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला, उनके पुत्र व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर प्रमुख हैं। इनके अलावा बैठक में पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग, पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी सहित कुछ अन्य नेता मौजूद थे। भाजपा की ओर से बैठक में शामिल होने के लिए जम्मू एवं कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता और निर्मल सिंह भी प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा, गृह सचिव अजय भल्ला और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभल मौजूद हैं। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद यह पहली ऐसी बैठक है जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं।

बैठक आरंभ होने से पहले फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैं बैठक में अपनी बात रखूंगा और उसके बाद आपको बताउंगा कि मैंने क्या मुद्दे उठाएं।'' पाकिस्तान से वार्ता किए जाने संबंधी महबूबा मुफ्ती के बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘महबूबा जी अपनी पार्टी की अध्यक्ष हैं। उन्हें अपनी बात रखने का हक है। मेरा अपना हक है। मैं पाकिस्तान को इस मामले में नहीं लाना चाहता। मैं अपने प्रधानमंत्री के साथ बात करने जा रहा हूं।'' बैठक का चूंकि कोई एजेंडा तय नहीं किया गया है इसलिए अधिकांश दलों ने कहा है कि वह खुले मन से बैठक में अपनी बात रखेंगे।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब एक दिन पहले ही परिसीमन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जम्मू-कश्मीर के सभी उपायुक्तों के साथ मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन और 7 नयी सीटें बनाने पर विचार-विमर्श किया था। परिसीमन की कवायद के बाद जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी। ज्ञात हो कि पांच अगस्त 2019 को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया था और राज्य को जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था।

 

 

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