खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक करना गंभीर : The Dainik Tribune

खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक करना गंभीर

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम बनाम सरकार / रिजिजू बोले

खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक करना गंभीर

नयी दिल्ली, 24 जनवरी (एजेंसी)

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा खुफिया ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की संवेदनशील रिपोर्ट के कुछ अंशों को सार्वजनिक मंच पर रखा जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों के अधिकारी देश के लिए गोपनीय तरीके से काम करते हैं और अगर उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाती है, तो वे भविष्य में काम करने से पहले दो बार सोचेंगे। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव पड़ेगा।

रिजिजू सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के हाल ही में सार्वजनिक किए गए कुछ प्रस्तावों से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। इन प्रस्तावों में शीर्ष अदालत द्वारा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के पद के लिए सुझाए गए कुछ नामों के संबंध में आईबी और रॉ की रिपोर्ट के कुछ अंश शामिल थे। कॉलेजियम ने खुफिया सूचनाओं को खारिज करते हुए इस महीने की शुरुआत में सरकार के सामने संबंधित नामों को फिर से दोहराया था।

कॉलेजियम ने वकील आर जॉन सत्यम का नाम मद्रास हाईकोर्ट में न्यायाधीश के लिए दोहराते हुए आईबी की ‘प्रतिकूल टिप्पणियों' का जिक्र किया था। जबकि, अधिवक्ता सौरभ कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की अपनी सिफारिश के संदर्भ में रॉ द्वारा दी गयी जानकारी का हवाला दिया था। कॉलेजियम ने सौरभ कृपाल को न्यायाधीश बनाने की अपनी सिफारिश दोहराई है।

प्रस्ताव में कहा गया, ‘रॉ के 11 अप्रैल, 2019 और 18 मार्च, 2021 के पत्रों से ऐसा प्रतीत होता है कि कॉलेजियम द्वारा 11 नवंबर, 2021 को सौरभ कृपाल के नाम को मंजूर करते हुए की गयी सिफारिश पर दो आपत्तियां हैं। इनमें पहली है कि सौरभ कृपाल का पार्टनर एक स्विस नागरिक है और दूसरी कि वह किसी के साथ अंतरंग संबंध में हैं और अपनी यौन अभिरुचियों को लेकर खुले विचार रखते हैं।’

रिजिजू ने यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, ‘रॉ और आईबी की संवेदनशील या गोपनीय रिपोर्ट को सार्वजनिक मंच पर रखना गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर मैं उचित समय पर प्रतिक्रिया दूंगा।’

कानून मंत्री पर कपिल सिब्बल का तंज

राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू पर उनके उस बयान को लेकर तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने न्यायपालिका को कमजोर करने वाला एक भी कदम नहीं उठाया है। सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘क्या आपके (रिजिजू के) सभी विवादास्पद बयान न्यायपालिका को मजबूत करने के लिए हैं? आप यकीन कर सकते हैं। पर हम वकील नहीं।’

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