अमेरिका की नाकेबंदी के बाद ईरान की बड़ी धमकी, क्या रुक जाएगा पश्चिम एशिया से तेल-गैस निर्यात?
युद्ध समाप्त करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता और कमजोर पड़ गया है
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास कर रहे पोतों पर ईरान के हमलों के बाद ईरानी बंदरगाहों पर बुधवार तड़के फिर से नाकेबंदी कर दी। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले देशों पर फिर से हमले किए। इससे युद्ध समाप्त करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता और कमजोर पड़ गया है।
अमेरिका और ईरान दोनों उस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे युद्ध से पहले दुनिया में होने वाले कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता था। इन हालिया हमलों के कारण क्षेत्र के पूर्ण युद्ध की चपेट में आने का खतरा फिर से बढ़ गया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार रातभर हुए हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए। इससे संकेत मिलता है कि बमबारी तेज हो गई है। ईरान सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहाजेरानी ने अधिक जानकारी दिए बिना कहा कि ''हाल के दिनों'' में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं।
नाकेबंदी हटाने से एक दिन पहले अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर
अमेरिका ने पहली बार अप्रैल के मध्य में नाकेबंदी लागू की थी और जून के मध्य में इसे हटा लिया था। नाकेबंदी हटाने से एक दिन पहले अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था, लेकिन जलडमरूमध्य को लेकर हमले तेज होने के कारण यह बातचीत रुक गई है। नाकेबंदी के जवाब में ईरान के अर्द्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने पश्चिम एशिया से होने वाला समूचा ऊर्जा निर्यात रोकने की बुधवार को धमकी दी।
अमेरिका ने ईरान पर सात घंटे तक हमले किए
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नाकेबंदी फिर से लागू करने की घोषणा करते समय कहा था कि वह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले पोतों पर 20 प्रतिशत शुल्क भी लगाएंगे, लेकिन नाकेबंदी फिर शुरू किए जाने से कुछ घंटे पहले उन्होंने फारस की खाड़ी के सहयोगी देशों के अनुरोध का हवाला देते हुए शुल्क वसूलने की योजना छोड़ दी। 'यूएस सेंट्रल कमान' ने बुधवार को कहा कि नाकेबंदी फिर लागू करते हुए अमेरिका ने ईरान पर सात घंटे तक हमले किए और इस दौरान उसके कई स्थलों को निशाना बनाया गया।
सिस्तान एवं बलूचिस्तान प्रांत में बड़ा हमला
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर ने बुधवार को 260 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इन हमलों में कितने लोग मारे गए। करमानपुर द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुई हिंसा के अन्य दौर की तुलना में इन हमलों में कहीं अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने तत्काल इसका कोई कारण नहीं बताया। हालांकि, स्थानीय स्तर पर आई शुरुआती खबरों से संकेत मिला कि ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान एवं बलूचिस्तान प्रांत में बड़ा हमला हुआ। बहरीन और कुवैत में बुधवार तड़के मिसाइल हमलों की चेतावनी जारी की गई।
पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे
दोनों देशों को ईरान के हमलों का सामना करना पड़ा। इस तरह के हमले लगभग रोज हो रहे हैं जिससे युद्धविराम पर और दबाव बढ़ गया है। जॉर्डन ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को मार गिराया। ईरान ने इन तीनों देशों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। 'यूएस सेंट्रल कमान' के प्रमुख नौसेना एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक बयान में कहा कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे।

