Iran-Israel Conflict : पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर पाबंदी, आज 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के आसार
ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते सुरक्षा अलर्ट, नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों की सहायता के लिए तैनात किए वरिष्ठ अधिकारी
Iran-Israel Conflict : पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों का सीधा असर भारतीय विमानन सेवाओं पर पड़ा है। नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार, रविवार को भारतीय एयरलाइन कंपनियों की लगभग 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की जा सकती हैं। दरअसल, इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उपजे हालातों को देखते हुए मंत्रालय ने शनिवार को विमानन क्षेत्र के सभी हितधारकों के साथ तैयारियों की समीक्षा की है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई मार्ग बंद होने के कारण शनिवार (28 फरवरी) को भी 410 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन
विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) सुरक्षा और परिचालन नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी एयरलाइन कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उड़ानों के मार्ग में संभावित बदलाव और यात्रियों की सुविधा के लिए देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर परिचालन संबंधी अलर्ट जारी किए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
यात्रियों की सहायता के लिए विशेष इंतजाम
हवाई अड्डों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए टर्मिनल प्रबंधन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 'यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष' (पीएसीआर) और 'एयरसेवा' पोर्टल को सक्रिय रखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी को 'एयरसेवा' पर 216 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 105 का तत्काल समाधान कर दिया गया। मंत्रालय प्रभावित यात्रियों को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की निगरानी कर रहा है।

