ईरान-अमेरिका अब शांति के लिए आमने-सामने
पाक में वार्ता : वाशिंगटन की नजर परमाणु पाबंदियों और होर्मुज पर
नाजुक युद्ध विराम के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष का स्थायी समाधान तलाशने के लिए अमेरिका और ईरान ने शनिवार शाम पाकिस्तान में आमने-सामने वार्ता शुरू की। इस सीधी बातचीत से पहले दोनों पक्षों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ अलग-अलग बैठकें की।
यह 1979 के बाद पहली बार है, जब दोनों देशों के बीच इस तरह की प्रत्यक्ष वार्ता हो रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जिसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल हैं। ईरान के 70 से अधिक सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची कर रहे हैं।
पश्चिमी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों की प्रत्यक्ष वार्ता में पाकिस्तानी मध्यस्थ भी मौजूद रहे। भारतीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे वार्ता शुरू हुई।
गत आठ अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम पर बनी सहमति के बाद हुई इस वार्ता से पहले, शरीफ के कार्यालय ने कहा कि इस्लामाबाद दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता जारी रखने को लेकर आशान्वित है। बयान में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये वार्ताएं क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।’
तेहरान की ओर से पहले कहा गया था कि युद्धविराम में लेबनान को शामिल करने और अमेरिकी प्रतिबंधों पर ठोस आश्वासन के बिना वार्ता नहीं होगी, फिर भी बातचीत आगे बढ़ी।
इस्लामाबाद से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुनियादी शर्तों पर कुछ प्रगति हुई है, जिसमें लेबनान में युद्धविराम की आवश्यकता भी शामिल है। अल जज़ीरा के अनुसार, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने के मुद्दे पर भी कुछ आगे बढ़ने की संभावना है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, गालिबाफ ने कहा कि यदि वॉशिंगटन वास्तविक समझौता पेश करता है और ईरान के अधिकारों को मान्यता देता है, तो ईरान समझौते के लिए तैयार है।
व्हाइट हाउस ने ईरानी मांगों पर तुरंत टिप्पणी नहीं की, लेकिन ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के पास समझौते के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेहरान कोई परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ट्रंप ने कहा, ‘कोई परमाणु हथियार नहीं। यही इस समझौते का 99 प्रतिशत हिस्सा है।’
भारतीय ‘जग विक्रम’ एलपीजी जहाज ने पार किया होर्मुज
इस बीच्ा, ‘जग विक्रम’ नामक भारतीय ध्वज वाले एलपीजी के जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा के बाद इस मार्ग से गुजरने वाला यह पहला भारतीय जहाज है। मार्च की शुरुआत से अब तक यह फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है, जबकि लगभग 15 जहाज अभी भी क्षेत्र में रुके हुए हैं।
मंगलवार को होगी लेबनान और इस्राइल में बातचीत
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि उनके देश की इस्राइल के साथ प्रत्यक्ष वार्ता मंगलवार से शुरू होगी। इस्राइल ने पहले घोषणा की थी कि उसने लेबनान से वार्ता को मंजूरी दे दी है।
होर्मुज से गुजरे दो अमेरिकी पोत
खबरों के मुताबिक, अमेरिका के दाे युद्ध पोत होर्मुज जलडमरुमध्य से गुजरे हैं। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह इस तरह का पहला सफर है। राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका ने इस अहम जलमार्ग को ‘साफ करना’ शुरू कर दिया है।
भारत-अमेरिका बढ़ाएंगे एलपीजी निर्यात सहयोग, मिसरी अब जाएंगे फ्रांस-जर्मनी
वाशिंगटन : भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के साथ अपनी बैठक में परमाणु ऊर्जा और कोयला गैसीकरण (ठोस कोयले को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए गैस में बदलना) व एलपीजी निर्यात जैसे नए क्षेत्रों में ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका, असैन्य परमाणु सहयोग के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार है। उधर, मिसरी अब ऊर्जा, व्यापार और रक्षा से जुड़ी उच्च स्तरीय वार्ताओं के लिए रविवार से पेरिस और बर्लिन की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा पश्चिम एशिया में जारी संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है।
अपने अमेरिकी समकक्ष से रक्षा संबंधों पर वायुसेना प्रमुख ने की चर्चा
वाशिंगटन : भारतीय वायु सेना के अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने अमेरिकी समकक्ष चीफ ऑफ स्टाफ जनरल केन विल्सबैक के साथ यहां चर्चा की। भारतीय वायुसेनाध्यक्ष ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान पेंटागन में वायु सेना मामलों के मंत्री ट्रॉय मींक और विल्सबैक से मुलाकात की। कोलोराडो में पीटरसन स्पेस फोर्स बेस में उन्हें उत्तरी अमेरिका के लिए हवाई आक्रमण चेतावनी प्रणाली, हवाई क्षेत्र नियंत्रण और समुद्री चेतावनी के द्विपक्षीय उत्तरी अमेरिकी हवाई रक्षा कमान मिशन पर केंद्रित जानकारी दी गई। अमेरिकी वायु सेना के एक बयान के अनुसार, भारतीय वायु सेना प्रमुख ने नेवादा स्थित नेलिस वायु सेना अड्डे का भी दौरा किया। इस दौरान सिंह को अमेरिकी वायु सेना युद्ध केंद्र में संबंधित जानकारी दी गई ।
विमान में बच्चों की तस्वीरें रखकर पहुंचे
ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबफ ने इस्लामाबाद जाते समय विमान के भीतर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इसमें विमान की सीटों पर स्कूली बच्चों की तस्वीरें रखी हैं, साथ ही खून से सने स्कूल बैग, जूते और सफेद फूल रखे हैं। गालिबाफ ने तस्वीर के साथ लिखा, ‘इस उड़ान में मेरे साथी - मिनाब 168’। ईरान का कहना है कि मिनाब में बच्चों का स्कूल मिसाइल हमले में तबाह हो गया था और इस घटना में 168 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। फोटो : रॉयटर्स

