Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Grand Independence Day Sale
search-icon-img
Advertisement

Insurgency In Northeast: एनआईए ने बंगाल और पूर्वोत्तर में 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

Insurgency In Northeast: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के एक सहयोगी संगठन द्वारा पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी विचारधारा फैलाने के लिए रची गयी आतंकी साजिश के मामले में 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
फ़ाइल फ़ोटो
Advertisement

Insurgency In Northeast: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के एक सहयोगी संगठन द्वारा पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी विचारधारा फैलाने के लिए रची गयी आतंकी साजिश के मामले में 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

एनआईए की जांच में सामने आया कि आरोपियों की इमाम महमूदर काफिला नामक संगठन की साजिश में सक्रिय भूमिका थी। यह प्रतिबंधित जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश का एक सहयोगी संगठन है।

Advertisement

एजेंसी ने बताया कि आरोपपत्र गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस साजिश का उद्देश्य बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन के कट्टरपंथी एजेंडे को बढ़ावा देना, युवाओं को कट्टर बनाना और भारत में संगठन के नेटवर्क का विस्तार करना था।

Advertisement

एनआईए द्वारा जारी बयान के अनुसार जांच में पता चला है कि जेएमबी के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत की धरती पर प्रतिबंधित संगठन के नापाक मंसूबों को आगे बढ़ाने के लिए इमाम महमूदर काफिला की स्थापना की थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपपत्र में नामजद 11 आरोपियों ने गुप्त बैठकों, धार्मिक विचारधारा से प्रभावित करने वाले कार्यक्रमों, कट्टरपंथी साहित्य के प्रसार और डिजिटल मंचों के माध्यम से भारत-विरोधी दुष्प्रचार करके भारत में आईएमके/जेएमबी की मौजूदगी बढ़ाने की साजिश रची थी।

बयान के अनुसार, आरोपी लोगों को आईएमके/जेएमबी के नेतृत्व के प्रति निष्ठा रखने के लिए भी प्रेरित कर रहे थे। आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने बताया कि आरोपपत्र में शामिल प्रमुख आरोपियों में नसीमुद्दीन और जागिर मियां शामिल हैं।

नसीमुद्दीन असम में आईएमके की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा था, जबकि जागिर मियां त्रिपुरा में संगठन का नेतृत्व कर रहा था। जांच के दौरान एनआईए ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए, जिनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला तैयार किया गया।

Advertisement
×