Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Grand Independence Day Sale
search-icon-img
Advertisement

Indian Economy Dispute : आखिर क्यों नहीं बढ़ रहा प्राइवेट निवेश? जयराम रमेश ने उठाए भारत की अर्थव्यवस्था पर सवाल

निजी कॉरपोरेट निवेश में तेजी का अभाव सबसे गंभीर चुनौती : कांग्रेस

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Indian Economy Dispute : कांग्रेस ने वीरवार को कहा कि निजी कॉरपोरेट निवेश में तेजी का अभाव देश के सामने सबसे गंभीर चुनौती है और आर्थिक शक्ति का बढ़ता केंद्रीकरण निवेश वृद्धि को प्रभावित कर रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि अब ''राजनीतिक संरक्षण प्राप्त'' निजी निवेश ही व्यापक निजी निवेश को पीछे धकेल रहा है।

रमेश ने एक्स पर कहा कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में भारत के कुल निजी पूंजीगत व्यय का एक-तिहाई हिस्सा अकेले अदाणी समूह का था। निजी कॉरपोरेट निवेश में तेजी का अभाव भारत की सबसे गंभीर चुनौती है। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें वास्तविक मजदूरी में ठहराव शामिल है, जिससे सभी आय वर्गों में उपभोग वृद्धि प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, ऊंची महंगाई दर के कारण घरेलू बचत दर में भी तेज गिरावट आई है।

Advertisement

रमेश का कहना है कि निजी कॉरपोरेट निवेश में सुस्ती का एक कारण प्रवर्तन एजेंसियों, कर अधिकारियों और जांच एजेंसियों के रेड राज से पैदा हुआ भय और दबाव का माहौल भी है। निवेश संबंधी प्रमुख नीतियों में निरंतरता और पारदर्शिता का अभाव तथा चीनी आयात में लगातार वृद्धि, जिसने घरेलू विनिर्मित वस्तुओं के बाजार को नुकसान पहुंचाया है, भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। आर्थिक शक्ति का बढ़ता केंद्रीकरण भी निवेश वृद्धि को हतोत्साहित कर रहा है।

Advertisement

Advertisement
×