India-US trade : अखिलेश का केंद्र पर हमला, कहा- कृषि क्षेत्र के लिए संकट पैदा कर रही सरकार
भाजपा ने हमारी पूरी विदेश नीति उलझाकर रख दी है
India-US trade : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भारत के किसानों व गरीबों के लिए नुकसानदेह बताते हुए बुधवार को कहा कि सबसे दुख की बात यह है कि सरकार सबसे ज्यादा आबादी को रोजी-रोटी देने वाले कृषि क्षेत्र के लिए संकट पैदा कर रही है। यादव ने यहां उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधानमंडल में प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया देने के लिए बुलाई गई प्रेस वार्ता में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के किसानों और गरीबों के लिये घातक बताया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका से व्यापार समझौते के बाद हमारी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी चोट और सबसे पहले चोट अगर किसी को लगने जा रही है तो हमारे किसानों व गरीबों को लगने जा रही है। यह सबसे दुख की बात है भारत में सबसे ज्यादा आबादी जिस खेती पर निर्भर है, सरकार उसी पर संकट पैदा कर रही है। जो खबरें सुनने को मिल रही हैं उनके अनुसार बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद भारत में भेजे जाएंगे। अगर हम अमेरिका को 500 अरब डॉलर का कारोबार देंगे तो 'मेक इन इंडिया' का क्या होगा? हमारा कृषि क्षेत्र, जिस पर 60 से 70 प्रतिशत गरीब आबादी निर्भर करती है, उसका क्या होगा। सरकार को हटाने के लिए 'वोट की चोट' देने के साथ-साथ सड़क पर आना होगा।
इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है। सपा प्रमुख ने पूछा कि आखिर सरकार इस बात को स्पष्ट क्यों नहीं कर रही कि कौन-कौन से उत्पाद भारत के बाजार में लाए जाएंगे। अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके भारत मां को बेच देने के कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा कि यह बहुत गंभीर बात इसलिए भी है कि अमेरिका से संबंध भी हों और हम अपना बाजार भी उनके हवाले ना करें। हमने बहुत बड़े पैमाने पर चीन को अपना बाजार दे दिया।
भाजपा ने हमारी पूरी विदेश नीति उलझाकर रख दी है। आज हमने पूरा बाजार किसी और के हाथ में दे दिया इसलिए भारत को किस दिशा में जाना है, यह भारत की जनता को सोचना पड़ेगा। मैं फिर कहता हूं कि जो रास्ता समाजवादियों ने दिखाया है वही रास्ता देश को खुशहाली तक लेकर जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पेश किए जाने के बाद अपनी प्रेस वार्ता में कुटीर, लघु एवं मंझोले उद्योगों (एमएसएमई) को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कही हैं।

