India-US Strategic Ties : पश्चिम एशिया तनाव के बीच विदेश सचिव विक्रम मिस्री का वाशिंगटन दौरा, रणनीतिक संबंधों पर होगी गहन चर्चा
भारत-अमेरिका साझेदारी : रणनीतिक और द्विपक्षीय सहयोग पर मंथन
India-US Strategic Ties : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री आज (8 अप्रैल) से वाशिंगटन डीसी की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। 10 अप्रैल तक चलने वाले इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण स्पेक्ट्रम की समीक्षा करना और उन्हें और अधिक मजबूती प्रदान करना है। विदेश मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इस यात्रा की आधिकारिक घोषणा की गई थी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विक्रम मिस्री की यह यात्रा दोनों देशों के लिए चल रहे सहयोग का आकलन करने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जुड़ाव बढ़ाने के रास्ते तलाशने का एक बड़ा अवसर है। वाशिंगटन में अपने प्रवास के दौरान, मिस्री अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा, व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से बातचीत होने की उम्मीद है।
यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फरवरी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी वाशिंगटन का दौरा किया था। यह दौरा दोनों देशों के बीच होने वाले उच्च स्तरीय नियमित आदान-प्रदान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना है।
व्यापारिक समझौते और टैरिफ की स्थिति
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता फिलहाल अधर में लटका हुआ है। यह स्थिति तब पैदा हुई जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को रद्द कर दिया। पिछले महीने भारत सरकार ने स्पष्ट किया था कि वह इस व्यापार समझौते पर तभी हस्ताक्षर करेगी जब वाशिंगटन द्वारा विकसित किया जा रहा नया वैश्विक टैरिफ ढांचा स्पष्ट हो जाएगा।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस संबंध में संकेत दिया था कि मार्च तक समझौते पर हस्ताक्षर करने की समय सीमा अब लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत टैरिफ अब अस्तित्व में नहीं हैं, जिसके कारण इस प्रक्रिया में बदलाव आया है।
पश्चिम एशिया युद्ध और सुरक्षा चुनौतियां
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच यह दौरा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। दोनों पक्षों द्वारा क्षेत्र की उभरती सुरक्षा स्थिति पर अपनी रिपोर्ट साझा करने की उम्मीद है। विशेष रूप से 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' जैसे समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों को लेकर समन्वित प्रतिक्रिया पर चर्चा की जाएगी। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, भारतीय प्रवासियों के हितों की रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना शामिल होगा।
विदेश सचिव की इस यात्रा से उम्मीद है कि भारत और अमेरिका ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक साझा दृष्टिकोण विकसित कर सकेंगे।

