India Reform Momentum: मोदी ने स्वीडन की कंपनियों को निवेश बढ़ाने का दिया न्योता
India Reform Momentum: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की ''सुधार एक्सप्रेस'' पूरी गति से आगे बढ़ रही है। साथ ही स्वीडन की कंपनियों से विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का...
India Reform Momentum: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की ''सुधार एक्सप्रेस'' पूरी गति से आगे बढ़ रही है। साथ ही स्वीडन की कंपनियों से विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का आग्रह किया।
यूरोपीय कंपनियों को आकर्षित करते हुए उन्होंने दूरसंचार एवं डिजिटल अवसंरचना सहित पांच व्यापक क्षेत्रों में संभावनाओं को रेखांकित किया और कहा कि वे भारत को वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र बनाने में मदद कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप टेक विनिर्माण, कृत्रिम मेधा (एआई) हरित ऊर्जा, अवसंरचना, परिवहन, शहरी बदलाव, स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान क्षेत्रों में भी सहयोग की अपील की।
मोदी ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज (ईआरटी) को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कंपनियों के लिए अवसर मौजूद हैं और उन्हें आने वाले वर्षों में भारत की प्रमुख परियोजनाओं का हिस्सा बनाने के लिए संस्थागत व्यवस्था की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी नवाचार की अगली लहर का सह-निर्माण भारत में होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले 12 वर्षों में भारत ''सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन'' के मूल मंत्र पर काम कर रहा है। सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ यह 'सुधार एक्सप्रेस' पूरी गति से आगे बढ़ रही है।''
भारत और स्वीडन के लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार एवं स्थिरता जैसे साझा मूल्यों पर जोर देते हुए मोदी ने स्वीडन की नवाचार एवं स्थिरता की ताकत को भारत की व्यापकता, प्रतिभा और विकास गति के साथ जोड़ने का आह्वान किया।
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय उद्योग के वरिष्ठ नेता एवं प्रमुख यूरोपीय तथा भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि भी वोल्वो समूह द्वारा आयोजित इस गोलमेज बैठक में शामिल हुए।
अपने संबोधन में मोदी ने भारत-यूरोप संबंधों में बढ़ती गति का स्वागत किया जिसमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता का सफल समापन भी शामिल है। उन्होंने इस समझौते को व्यापार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाओं और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं में नए अवसर उत्पन्न करने वाली परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी करार दिया।
प्रधानमंत्री ने स्वीडन की कंपनियों को 'मेक इन इंडिया', राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन जैसी पहलों के तहत भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अवसरों के विस्तार की भी चर्चा की।

